पतंग के मांझे ने शनिवार को डीपीएच स्टेशन को दो घंटे के लिए ठप कर दिया। सब-स्टेशन बंद होते ही राजनगर-कविनगर समेत कई कालोनियों की विद्युत आपूर्ति भी ठप हो गई।
शाम छह बजे के बाद विद्युत लाइन से पतंग-मांझे को निकालकर सब-स्टेशन को चालू किया गया।
शनिवार शाम करीब चार बजे मुरादनगर से नेहरू नगर स्थित डीपीएच (डीजल पावर हाउस) सब स्टेशन तक पहुंच रही हाईटेंशन लाइन में पतंग और मांझा उलझने से लाइन में फाल्ट आ गया।
अर्थिंग हो जाने से विद्युत आपूर्ति बंद हो गई और डीपीएच स्टेशन ठप हो गया। इससे राजनगर, कविनगर, नेहरू नगर, पटेल नगर, लोहिया नगर, विवेकानंद नगर समेत कई कालोनियों में आपूर्ति ठप हो गई। दो घंटे की मशक्कत के बाद लाइन को चालू कर आपूर्ति बहाल की गई।
अभी झेलना होगा पावर कट
बिजली उत्पादन में सुधार न होने से महानगर की आपूर्ति में 50 मेगावाट की गिरावट और आ गई है। इसके चलते शुक्रवार रात से कटौती और बढ़ा दी गई। शनिवार को महानगर के कई इलाकों में 12 घंटे तक की कटौती की गई।
उत्पादन में सुधार नहीं की वजह से महानगर की आपूर्ति शनिवार को 50 मेगावाट कम होकर 870 मेगावाट ही रह गई। इससे बिजली कटौती और बढ़ा दी गई। जबकि गर्मी की वजह से बिजली की डिमांड बढ़कर 1590 मेगावाट तक पहुंच गई है।
मांग और आपूर्ति के इस अंतर को पूरा करने का कोई तरीका अफसरों को नहीं मिल रहा। शनिवार को दिन में छह घंटे की जबरदस्त कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है।