दिल्ली के कंझावला इलाके में पुलिस की मुखबरी करने के शक में बदमाशों ने डीटीसी ड्राइवर समेत तीन युवकों को अगवा कर लिया। अपहरणकर्ता तीनों को बहादुरगढ़ ले गए, जहां उनकी पिटाई कर नुकसान की भरपाई के लिए छह लाख रुपये देने के लिए कहा।
मुखबरी करने की बात स्वीकार नहीं करने पर अपहरणकर्ताओं ने तीनों को अवैध शराब तस्कर बताकर पंजाबी बाग थाना पुलिस के हवाले कर दिया। जांच के दौरान सारी सच्चाई सामने आने के बाद कंझावला थाना पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। जबकि स्पेशल स्टाफ ने अपहरण करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि दीपक राणा, कंझावला डीटीसी डीपो में ड्राइवर है। 11 नवंबर की सुबह उसने कंझावला थाने में अपने साथ दो अन्य लोगों के अगवा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 10 नवंबर की रात 2 बजे काम खत्म करने के बाद स्कूटी से गांव घेवरा के लिए निकला।
गेट पर उसी गांव के रहने वाले मनोज और राजकुमार मिले। उन्होंने दीपक को गांव तक लिफ्ट देने के लिए कहा। तीनों स्कूटी से निकले ही थे कि जाइलो कार पर सवार पांच छह बदमाशों ने पिस्टल के बल पर तीनों को अगवा कर लिया। बदमाश तीनों को बहादुरगढ़ ले गए। जहां तीनों की जमकर पिटाई की गई। बदमाशों ने उन्हें बताया कि 10 नवंबर को उन्होंने सुल्तानपुरी निवासी पूरन के लिए शराब की खेप भिजवाई थी।
राजकुमार की मुखबरी पर कंझावला पुलिस ने उस खेप को पकड़ लिया और उसके दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी वजह से उसे छह लाख का नुकसान हुआ है। अपहरणकर्ताओं ने तीनों को नुकसान की भरपाई करने के लिए कहा। पिटाई के बावजूद तीनों ने पुलिस से मुखबरी की बात नहीं स्वीकारी। उसके बाद अपहरणकर्ताओं ने 11 नवंबर तड़के पीड़ितों को यह कहकर पंजाबी बाग थाना पुलिस के हवाले कर दिया कि तीनों शराब तस्कर हैं।
पंजाबी बाग थाना पुलिस ने जांच में पाया कि तीनों आरोपी नहीं है बल्कि उनको अगवा किया गया था। पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया और उन्हें कंझावला थाने में अपहरण की शिकायत करने को कहा। तीनों पीड़ितों की शिकायत पर कंझावला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। स्पेशल स्टाफ ने मामले की जांच करते हुए आरोपी मुंडका निवासी राजेश उर्र्फ राजे और भिवानी निवासी अमृत को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने ही दिया सुराग
मामले की छानबीन के दौरान पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आरोपी इस बात का जिक्र कर रहे थे कि 10 नवंबर की रात कंझावला थाने पुलिस ने शराब की खेप पकड़ी है, जिसकी वजह से उन्हें छह लाख का नुकसान हुआ है। स्पेशल स्टाफ के निरीक्षक के पी मलिक ने जांच के दौरान उस दिन गिरफ्तार आरोपियों संतराम और योगेश की पहचान की।
उन लोगों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि अवैध शराब का खेप मुंडका निवासी राजेश उर्फ राजे ने पूरन के लिए भेजी थी। स्पेशल स्टाफ ने राजेश कर निगरानी शुरू की और शुक्रवार को उसे सहयोगी अमृत के साथ गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल जाइलो कार भी बरामद कर लिया।