पुलिस ने महिला के पूर्व लिव इन पार्टनर समेत चार को किया गिरफ्तार, बच्चा बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली में एक महिला के पूर्व लिव-इन पार्टनर ने उसे वापस बुलाने के लिए उसके सात वर्षीय बच्चे का अपहरण कर लिया। ऐसा कर वह बच्चे की मां पर दबाव बनाना चाहता था। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और मुख्य आरोपी अजय वर्मा व उसके तीन साथियों अमित, सचिन और अजय को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला की पूर्व में शादी हो चुकी थी और उसका एक बेटा है। उसका अपने पति से तलाक हो चुका है। तलाक के बाद महिला मुख्य आरोपी अजय वर्मा (24) के साथ हरियाणा के हांसी में रह रही थी। हालांकि वर्मा जब बात-बात पर टोकाटाकी करने लगा और उसका रवैया हिंसक हो गया तो महिला ने उससे रिश्ता तोड़ दिया और दिल्ली में अपने माता-पिता के घर चली गई। उन्होंने बताया कि मोबाइल मरम्मत का काम करने वाले वर्मा ने कथित तौर पर अपने साथियों के साथ मिलकर लड़के का अपहरण करने की साजिश रची ताकि वह महिला पर दोबारा साथ रहने के लिए दबाव डाल सके।
उसके साथियों की पहचान एक टेंट हाउस में काम करने वाले 18 वर्षीय अमित, पीवीसी फैक्टरी में काम करने वाले 20 वर्षीय सचिन और सफाई कर्मचारी 20 वर्षीय अजय के रूप में हुई है। अमित और सचिन हरियाणा के हिसार के रहने वाले हैं जबकि अजय दिल्ली के विकासपुरी का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार बच्चे की मां ने 28 सितंबर को विकासपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका बेटा पिछले दिन स्कूल से घर नहीं लौटा और उसने संदेह जताया कि वर्मा ने उसका अपहरण कर लिया है। पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुलझी गुत्थी
पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त शरद भास्कर दराडे ने कहा कि पुलिस टीम ने स्कूल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की और पाया कि दो लोगों ने मोटरसाइकिल पर बच्चे का अपहरण किया था। उन्होंने कहा कि आरोपियों द्वारा बार-बार मोबाइल फोन बंद करने के बावजूद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सोशल मीडिया निगरानी के माध्यम से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।
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बच्चे को खेत में छिपाकर रखा हुआ था-
दिल्ली के विकासपुरी निवासी अजय नाम के एक आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया गया और उससे पूछताछ की गई। उसने बताया कि वर्मा ने सोशल मीडिया के जरिये उससे संपर्क किया था और उसे बंदूक का इंतजाम करने को कहा था। सुराग के आधार पर पुलिस ने हांसी के एक खेत पर पहुंचकर वर्मा को बच्चे और उसके दो साथियों के साथ पकड़ा। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि छापेमारी कर लड़के को सुरक्षित छुड़ा लिया गया और वर्मा, अमित तथा सचिन को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी दौरान विकासपुरी स्थित उसके घर से अजय को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से एक पिस्तौल जब्त की गई। उन्होंने बताया कि उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सचिन के अलावा अन्य का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।