अमन ने बताया कि उसे खाने के कुछ ही देर बाद उनको चक्कर आने लगे और फिर उन्हें पता नहीं उनके साथ क्या हुआ। क्रिश ने बताया कि उसे होश आया तो उसने देखा कि दोनों एक वैन में हैं और अमन बेहोश पड़ा है।
वैन में वह दोनों व्यक्ति सवार थे, जिन्होंने उन्हें प्रसाद खाने को दिया था। क्रिश को समझते देर नहीं लगी कि उनका अपहरण कर बदमाश अपने साथ ले जा रहे हैं।
उसने चुपचाप अमन को हिलाना शुरू हुआ किया। अमन भी होश में आ गया और उन्होंने कार से कूदकर भागने का प्लान बनाया। क्रिश के अनुसार वैन काफी पुरानी थी और उसका दरवाजा ढंग से बंद नहीं था।
अचानक ट्रैफिक होने के कारण वैन धीरे हुई तो वे दोनों दरवाजा खोल कर कूद गए और दौड़ लगा दी। वैन से कूदने के दौरान अमन के घुटनों में और क्रिश की एड़ी में चोट आई है। दोनों ने वहां से दौड़ लगा दी।
उन्होंने सामने तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन दिखाई दिया और दोनों उसके अंदर चले गए। वहां उन्हें एक सीआईएसएफ का जवान दिखाई दिया तो उन्होंने उसको सारी बात बता दी।
वे उसे अपने कमांडेंट के पास ले गए और दोनों के परिजनों को फोन कर घटना के बारे में बताया गया। इधर पिछले तीन घंटे से बच्चों के गायब होने से वहां हंगामा मचा हुआ था।
परिवार के लोग दोनों को पार्कों, उनके दोस्तों के घर और यहां वहां ढूंढ रहे थे। बच्चों के अपहरण होने के बारे में उन्हें जैसे ही पता चला, वे तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन पहुंचे।
वहां से सीआईएसएफ जवान के साथ दोनों बच्चों व उनके परिजनों को थाना सराय ख्वाजा भेजा गया। पुलिस ने बच्चों के पिता के बयान पर अपहरण का मामला दर्ज कर उनके सुपुर्द कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।