केंद्रीय विद्यालय संगठन के कक्षा-एक में प्रवेश मानदंड 2022-23 को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। प्रवेश मानदंड के मुताबिक प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु पांच वर्ष के बजाय छह वर्ष निर्धारित की गई है। याचिका में अदालत के हस्तक्षेप और प्रतिवादी केंद्रीय विद्यालय संगठन को कानून के अनुसार 2022-23 में प्रवेश मानदंड को फिर से तैयार करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता की शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से पहले केवीएस में कक्षा एक के लिए प्रवेश की न्यूनतम आयु 31 मार्च तक पांच वर्ष थी। लेकिन केवीएस का नया प्रवेश मानदंड मनमाना, भेदभावपूर्ण है, अन्यायपूर्ण और अनुचित है।
याचिकाकर्ता अपने पिता पवन कुमार का इकलौता बच्चा है। वह शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में केवीएस में कक्षा एक में प्रवेश के लिए आवेदन करने का इच्छुक है। हालांकि 24 फरवरी, 2022 को अचानक प्रतिवादी केवीएस ने कक्षा एक में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु मानदंड में 5 वर्ष से 6 वर्ष कर दी गई। याचिकाकर्ता आक्षेपित दिशा-निर्देशों से यह जानकर चौंक गया कि उसे कक्षा एक के लिए आवेदन करने के लिए अपात्र बना दिया गया है।