इस पूछताछ में दर्ज किये गये बयान की कॉपी व वीडियो पुलिस से मांगा गया था लेकिन पुलिस ने देने से इंकार कर दिया। केजरीवाल की इस मांग पर हरेंद्र सिंह ने कहा था कि गवाह को पूछताछ में दर्ज किये गये बयान व वीडियो की कॉपी देने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
बता दें कि मामला मुख्यमंत्री आवास पर 19 फरवरी 2018 की रात आयोजित बैठक में मुख्य सचिव अंशू प्रकाश से विधायकों द्वारा कथित मारपीट से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में मुख्य सचिव की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी।
इस मामले में देवली के विधायक प्रकाश जरवाल व जामिया नगर के विधायक अमानत उल्लाह खान को पुलिस ने गिरफ््ता किया था। अंशू प्रकाश का आरोप था कि बैठक में केजरीवाल मौजूद थे और उनकी मौजूदगी में विधायकों ने उनसे मारपीट की।