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गजेंद्र की मौत पर बोले CM, मैं दोषी हूं मैंने नहीं रोकी रैली

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आज दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बुधवार को हुई आप की किसान रैली में गजेंद्र की आत्महत्या मामले में बोले।
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उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में इस विषय पर विस्तृत रूप से बात की। उन्होंने यहां अपनी गलती भी मानी और गजेंद्र की मौत के लिए माफी भी मांगी।

उन्होंने सबसे पहले जो बात कही वह ये कि उन्हें आज तक अपने जीवन में ऐसी किसी घटना का अनुमभव नहीं हुआ है। केजरीवाल ने बुधवार के घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए कहा कि पेड़ स्टेज से दूर था और बीच में मीडिया खड़ा था। पेड़ों की घनी शाखाओं की वजह से वो पेड़ पर क्या हो रहा है नहीं देख सके।
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इस घटना के ‌‌लिए पु‌लिस पर भी आरोप लगाना ठीक नहीं

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने मंच पर से ही गजेंद्र से कुछ क्यों नहीं कहा, तो वे बोले कि उन्होंने इसलिए स्टेज से कुछ भी घोषणा नहीं की कि पेड़ पर क्या हो रहा है क्योंकि भीड़ पेड़ की ओर भगदड़ मचा सकती थी।

उन्होंने आज ये भी कहा कि वो उन सवालों का जवाब देना चाहते हैं जो उनपर और पार्टी पर उठाए जा रहे हैं। पहले की ही तरह उन्होंने आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने से मना कर दिया। केजरीवाल ने कहा कि पुलिस पर भी आरोप लगाना सही नहीं है।

गजेंद्र को बचाने का प्रयास उन्होंने क्यों नहीं किया तो वे बोले कि जब गजेंद्र को नीचे लाया गया तब वो जिंदा था और आप कार्यकर्ताओं ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

किसान की मौत पर ड्रामा सही नहीं है

उन्होंने गजेंद्र की आत्महत्या की घटना की आकस्मिकता पर बोलते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वहां मौजदू किसी को भी इस बात का अंदाजा था कि एक व्यक्ति आत्महत्या कर लेगा।

उन्होंने आत्महत्या के बाद भी रैली जारी रखने को अपनी गलती बताते हु‌ए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि, ये घटना हो जाने के बाद भी मैंने अपना भाषण जारी रखा ये मेरी गलती है। मैं उन सब से मांफी मांगता हूं जिनकी भावनाओं को मैंने ठेस पहुंचाई हो।

उन्होंने गजेंद्र की मौत के बाद हो रहे ड्रामे को गलत ठहराया है। इस पर दिल्ली के सीएम ने कहा कि सूत्रों के हवाले से जो खबरें आ रही हैं, ये सब नाटक है। इसकी जरूरत नहीं है।

केजरीवाल बोले कि उन्हें लगता है कि पिछले दो दिनों से जो भी हो रहा है, किसान की मौत पर जो ड्रामा हो रहा है वो सही नहीं है।

'टीआरपी के चक्कर से बाहर आइए'

केजरीवाल ने गजेंद्र आत्महत्या मामले में पिछले दो दिन से हो रहे राज‌नीतिक ड्रामे को लेकर कहा कि ये बंद होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि अगर किसान को उसके फसल की सही कीमत मिलेगी तो वो आत्महत्या क्यों करेगा?

केजरीवाल ने ये भी कहा कि इस वक्त देश में बहस किसानों के मुद्दे पर होनी चाहिए, उनकी आत्महत्याओं पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच हो रही है और अंत में गुनहगार जरूर सामने आएगा।

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने उसे क्यों नहीं बचाया तो वे बोले कि स्टेज पर से सभी गजेंद्र की सहायता की अपील कर रहे थे। इस पर जब पत्रकार ने पूछा कि आप के किसी नेता ने कुछ क्यों नहीं किया तो वे बोले कि इस बात पर बहस क्यों करनी कि किसी ने कुछ किया क्यों नहीं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि टीआरपी के खेल से बाहर आइए।

जो भी दोषी हो उसे फांसी पर लटका ‌दिया जाए

जब केजरीवाल से पत्रकार ने फिर पूछा कि आखिर वो क्या कर रहे थे तो वे बोले कि हां मैं कह रहा हूं कि वो घटना मेरे सामने हुई और मैं इसे पचा नहीं पा रहा हूं। लेकिन पूरा सच जांच के बाद ही सामने आएगा।

इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से अपील की कि इस मामले के चीथड़े उड़ाने बंद करो, इससे सिर्फ टीआरपी बढ़ रही है। उन्होंने इस पूरे मामले के लिए अपने आप को जिम्मेदार भी ठहराया और कहा कि अब इस मुद्दे के चीथड़े मत उड़ाओ।

जब उनसे पूछा गया कि इस घटना के लिए वे किसे जिम्मेदार मानते हैं तो वे बोले कि ये काम पुलिस करेगी। जो भी दोषी हो उसे फांसी पर लटका देना चाहिए।
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गलती हुई रैली स्थ‌गित कर देनी चा‌हिए थी

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपने इंटरव्यू में अपील की कि हमें किसानों के मुद्दों पर फोकस करना चाहिए। मुद्दा ये है कि किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं और उद्देश्य ये होना ‌चाहिए कि इसे कैसे रोका जाए।

उन्होंने देश की जनता से सवाल किया कि क्या पिछले दो दिनों से जो कुछ भी चल रहा है वह सही है? अगर वो सही है तो उसे चलने दें। उन्होंने कहा कि मुझसे गलती हुई मुझे रैली स्थगित कर देनी चाहिए थी।

केजरीवाल ने पूछा कि पार्टीबाजी करनी है क्या? सारा देश मिलकर इसका समाधान क्यों नहीं ढूंढ सकता। साथ ही उन्होंने बताया कि उस पूरी रात वो सो नहीं सके। गजेंद्र की मौत वो पचा नहीं पा रहे हैं।
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