फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्यों कार्यकारिणी से बाहर हुए योगेंद्र-प्रशांत

विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पार्टी ने दो बड़े नेताओं को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकालने को सही ठहराते हुए उसकी वजह बताई।
विज्ञापन


अरविंद ने बृहस्पतिवार को कहा कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पार्टी के उच्च पदों से इसलिए हटाया क्योंकि उनके अनुसार ये नेता अपनी मर्यादा लांघ चुके थे और पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे थे।

इसके साथ ही केजरीवाल ने अजीत झा और आनंद कुमार के खिलाफ अमार्यादित भाषा का उपयोग करने के लिए भी खेद जताया। उन्होंने कहा कि, 'मैं इंसान हूं और मैं गलतियां करता हूं। मैं गुस्से में था। इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए था।
विज्ञापन
विज्ञापन

'जब लांघी जाती हैं सीमाएं तो होता है दुख'

अरविंद केजरीवाल ये सारी बातें आप नेता आशुतोष की ‌नई किताब 'द क्राउन प्रिंस, द ग्लेडिएटर एंड द होप' के लॉन्चिंग के वक्त बोल रहे थे। केजरीवाल ने इस बात से भी इंकार किया कि पार्टी में अलग विचार रखने वालों के लिए जगह नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि आशुतोष, मनीष और विश्वास हर बात पर राजी हो जाते हैं। वो सब अपना सब कुछ दांव पर लगाकर पार्टी में शामिल हुए हैं।

लेकिन हर चीज की एक हद होती है और सबकुछ एक सलीके से किया जाता है। चार ‌दिवारी के अंदर हम बहुत झगड़ते हैं पर बाहर हम एक टीम हैं। जब सीमाएं लांघी जाती हैं तो दुख होता है।

आप संयोजक केजरीवाल ने कहा कि वह पिछले साल राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में टूट गए थे क्योंकि षड्यंत्र रचे जा रहे थे और निजी हमले किए जा रहे थे। संभवतः भावनात्मक रूप से ये सब संभालना मेरे लिए मुश्किल हो रहा था। शायद इसलिए मैं भावनात्मक हो गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें