मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजधानी में बिजली के दाम कम होंगे। सरकार फिलहाल सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके बाद उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री एसोचैम के एक सम्मेलन में बोल रहे थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजधानी में रोजाना करीब 5000-6000 मेगावाट बिजली की जरूरत है। इसमें से आधा से ज्यादा बिजली 5.50 रुपये प्रति युनिट की दर से बाहर से खरीदी जाती है।
हमारी ऐसी कंपनियों से बात हुई है कि जो 2.50 रुपये प्रति युनिट बिजली देने पर राजी है। लेकिन पिछली सरकार ने महंगी बिजली खरीदने का तीस साल तक का समझौता कर रखा है। लिहाजा हमें महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।