आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने उन सभी ओपीनियन पोल को सिरे खारिज कर दिया है, जिनमें दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के पक्ष में तथ्य सामने आए थे।
केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि एबीपी न्यूज के मुताबिक हमें दिल्ली के 27 फीसदी, आज तक के मुताबिक 33 फीसदी और टोटल टीवी के मुताबिक 39 फीसदी वोट मिल रहे हैं। किस पर विश्वास किया जाए।
उन्होंने ओपीनियन पोल पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि इनमें कोई सही नहीं है। उनके मुताबिक असली पोल इनमें से किसी भी ओपीनियन पोल पर विश्वास नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि एक न्यूज चैनल के हालिया ओपीनियन पोल में दिल्ली में भाजपा की बहुमत वाली सरकार बनने के तथ्य सामने आए।
बनेगी भाजपा की बहुमत वाली सरकारः ओपीनियन पोल
इंडिया टुडे ग्रुप व सिसरो के ओपीनियन पोल के मुताबिक दिल्ली में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने के आंकड़े सामने आए। पोल में दिल्ली की 70 सीटों में भाजपा को 34-40 सीट मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया। जबकि आप को 25 से 31 सीट मिलने की बात सामने आई।
एक से पांच दिसंबर के बीच किए गए इस सर्वे में दिल्ली के 210 पोलिंग स्टेशनों के 4273 लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें भाजपा को 39 फीसदी, आप को 36 फीसदी और 16 फीसदी लोगों ने कांग्रेस के पक्ष में वोट किया।
हालांकि मुख्यमंत्री के लिए सबसे अरविंद केजरीवाल अब भी लोगों की पहली पसंद हैं। पोल में उन्हें 35 फीसदी लोगों ने वोट किया। सीएम पर के लिए 19 फीसदी वोटों के साथ भाजपा के हर्षवर्धन दूसरी, नो फीसदी वोटों के लिए शीला दीक्षित तीसरी व आठ फीसदी वोटों के साथ अरविंदर लवली चौथी पसंद हैं।
क्या है सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा
ओपीनियन पोल के मुताबिक दिल्ली में आज भी भ्रष्टाचार अब भी अहम मुद्दा है। पोल में हिस्सा लेने वाले 21 फीसदी लोगों ने यह माना है। पोल में 21 फीसदी लोगों ने भ्रष्टाचार, 17 फीसदी लोगों ने महिला सुरक्षा, 15 फीसदी ने पानी, 12 फीसदी ने महंगाई और 10 फीसदी ने बिजली को सबसे बड़ा मुद्दा बताया।
वहीं, अब तक मोदी सरकार के प्रदर्शन को 34 फीसदी ने उम्मीद से बेहतर बताया। जबकि उम्मीदों के मुताबिक- 33 फीसदी और खराब- 22 फीसदी लोगों ने कहा। जबकि 74 फीसदी लोगों को लगता है कि मोदी ने प्रशासन में नई जान फूंक दी है।
हालांकि, 48 फीसदी लोग ऐसे भी हैं, जिनके मुताबिक मोदी अपने वादों को पूरा नहीं किया है। जबकि 35 फीसदी लोग ऐसे हैं जो मानते हैं कि मोदी सिर्फ और सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। 46 फीसदी लोगों ने मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को दिखावा बताया।