रातभर अरविंद केजरीवाल के घर रहे कुमार विश्वास को पार्टी ने खूब मनाने की कोशिश की। इस पर कुमार विश्वास बुधवार को होने वाली पीएसी की बैठक में शामिल होने को तो तैयार हो गए लेकिन इसके लिए उन्होंने तीन शर्तें रखी हैं। इन शर्तों का खुलासा उन्होंने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से किया। पढ़ें क्या हैं वो तीन शर्तें-
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1. भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस।
2. जो फैसले पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रभावित करते हैं उन सभी फैसलों में उनकी राय ली जाए। सिर्फ कुछ बड़े नेता मिलकर ही आपस में फैसला ना लें।
3. अपने वीडियो 'वी द नेशन' के लिए वो माफी नहीं मागेंगे। किसी ने सीधे तौर पर वीडियो वापस लेने को नहीं कहा लेकिन इशारे जरूर किए गए।
मंगलवार रात क्या हुआ
बता दें कि बीती रात केजरीवाल कुमार विश्वास के घर पहुंच उन्हें अपने आवास पर ले आए जहां वो रातभर रहे और सुबह पत्रकारों से कोई बात किए बगैर विश्वास अपने घर लौट गए।
बता दें कि इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मंगलवार की देर रात मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के साथ वसुंधरा स्थित कुमार विश्वास के घर पहुंचे। वे घर पर बिना रुके दो मिनट के अंदर ही कुमार को अपनी गाड़ी में बिठाकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
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अब देखने की बात यह होगी कि वे कुमार को मना पाए या नहीं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिस अंदाज में मुख्यमंत्री कुमार विश्वास को अपने साथ ले गए, वह कुमार को पार्टी से जोडे़ रखने का मैसेज देता है। इससे पहले कुमार के घर के बाहर यह चर्चा भी थी कि आज रात कुमार पार्टी छोड़ने का निर्णय ले सकते हैं।
रात करीब दस बजे कुमार के नजदीकी लोगों ने वसुंधरा सेक्टर तीन स्थित आवास पर मीडिया के सामने बताया कि 15 मिनट में सीएम व डिप्टी सीएम यहां पहुंचने वाले हैं। अपनी गाड़ी से केजरीवाल 10 बजकर 58 मिनट पर सिसोदिया और संजय सिंह के साथ पहुंचे।
कपिल मिश्रा और आशुतोष भी पहुंचे
kejriwal
- फोटो : अमर उजाला
कुमार के आवास का गेट खुला, ठीक एक मिनट बाद तीनों नेता कुमार को अपने साथ लेकर वहां से निकल गए। पता चला दिल्ली लेकर गए हैं। इससे पहले करीब दो घंटे से कुमार के घर पर मंत्री कपिल मिश्रा, आप नेता आशुतोष व अन्य विधायक उन्हें मनाने में लगे हुए थे। ये तीनों भी सीएम के काफिले के साथ हो लिए।
शाम से ही कुमार विश्वास के घर उनके समर्थकों का जुटना शुरू हो गया था। घर के बाहर लगी भीड़ के बीच यह चर्चा थी कि अरविंद केजरीवाल देर रात तक घर में बैठकर कुमार को मनाने की कोशिश करेंगे।
किसी को उम्मीद नहीं थी कि इस नाटकीय अंदाज में वे कुमार को साथ लेकर निकल जाएंगे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि आज रात कुमार को मनाने की पूरी कोशिश की जाएगी। परिणाम जानने के लिए सबको बुधवार सुबह तक का इंतजार रहेगा।
समर्थकों का कहना था कि कुमार विश्वास के साथ पार्टी के अंदर जो कुछ हुआ है वह गलत है। हम नहीं चाहते कि संगठन टूटे। लेकिन हम उन लोगों का विरोध करते हैं जो पार्टी के अंदर लोकतंत्र को ध्वस्त करना चाहते हैं।
क्या होगा अमानतुल्लाह खान का?
अमानतुल्लाह खान
- फोटो : अमर उजाला
ओखला से विधायक व आम आदमी पार्टी की पीएसी के सदस्य रहे अमानतुल्ला खान का बयान आने के दो दिन बाद कुमार विश्वास ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बगैर किसी का नाम लिए खान के बयान के पीछे गहरी साजिश होने का दावा किया।
इसके बाद जिस तरह से उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जवाबी हमला किया, उससे माना जा रहा है कि विश्वास का इशारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी में अपने कद के दो-तीन नेताओं पर हो सकता है। इसी वजह से बयानबाजी इतने तल्ख स्तर तक पहुंच गई है।
दरअसल, अमानतुल्ला खान ने रविवार को विश्वास पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी को तोड़ने व हड़पने की बात कही थी। पार्टी को जानने वाले बताते हैं कि बगैर किसी वरिष्ठ नेता के शह के एक विधायक पार्टी में रहते हुए किसी बड़े नेता के खिलाफ इतना बड़ा बयान नहीं दे सकता। क्योंकि इससे पहले निजी हैसियत से बयान देने वाले योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, मयंक गांधी, अंजनि दमानिया समेत दूसरे वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
अमानतुल्लाह को बताया था मुखौटा
कुमार विश्वास के घर पर बैठक
- फोटो : सोशल मीडिया
मंगलवार को खुद कुमार विश्वास ने भी इस मसले को हवा दी। खान को एक मुखौटा बताते हुए इसके पीछे गहरी साजिश होने का दावा भी किया। माना जा रहा है कि कुमार का इशारा अरविंद केजरीवाल समेत अपने कद के पार्टी के दूसरे नेताओं पर हो सकता है।
हालांकि, पार्टी ने अपने स्तर पर अमानतुल्ला के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका इस्तीफा ले लिया है। लेकिन सोमवार देर रात मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई गई जिस पीएसी में खान ने इस्तीफा दिया, उसमें कुमार विश्वास शामिल नहीं हुए थे।
हालांकि, इस्तीफे के बाद भी वह अपने बयान पर अड़े रहे। वहीं, पार्टी की तरफ से देर रात ही विश्वास समेत सभी नेताओं को को दो-टूक शब्दों में मीडिया में बयानबाजी न करने की नसीहत दी गई थी। इसके बावजूद विश्वास ने मंगलवार को मीडिया में अपनी भड़ास निकाली। इससे साफ लगता है कि विश्वास आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं।
आईएसी व जनलोकपाल आंदोलन से अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया के साथ सड़कों पर संघर्ष करने व पुलिस की लाठियां खाने में आगे रहने वाली युवा आप कार्यकर्ता वंदना सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि, इस्तीफे के वक्त उन्होंने कुमार विश्वास पर बड़ा आरोप लगाया है। वंदना सिंह के मुताबिक, कुमार भैया से आज (मंगलवार) मिली। सोचा था कोई रास्ता निकलेगा।
लेकिन दिल टूट गया, जब उन्होंने बताया कि वो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के सीधे टच में हैं। वंदना ने आगे कहा कि सब छोड़कर जा रही हूं। इतने सालों से ये सब करने के लिए यहां नहीं आई थी।
पंजाब के आप नेता ने नहीं लिया पीएसी की बैठक में हिस्सा
कुमार विश्वास और अमानतुल्ला खान में जंग के बीच बुलाई गई पीएसी की बैठक से पंजाब के नेता सोमवार रात नदारद रहे। इसमें पीएसी सदस्य और फरीदकोट से सांसद साधु सिंह को हिस्सा लेना था। हालांकि, साधु सिंह ने सेहत खराब होने को इसकी वजह बताई। वहीं, केजरीवाल को अपना सुप्रीमो बताया।