दिल्ली की राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया है। भाजपा की ओर से दिल्ली में सरकार बनाने से इनकार किए जाने के बाद केजरीवाल ने एक ऐसा दांव फेंका जिससे वे फिर से दिल्ली के मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार को लेकर हुई सुनवाई में उपराज्यपाल ने यह कहकर वक्त मांगा था कि वे दिल्ली में सरकार बनने की सभी संभावनाओं की तलाशने के बाद ही विधानसभा चुनाव के लिए कदम बढ़ाएंगे। ऐसी स्थिति में उन्होंने सभी दलों से इस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही थी।
इसी को लेकर आज शाम सात बजे उन्होंने दिल्ली की तीनों प्रमुख पार्टियों को चर्चा के लिए बुलाया। लेकिन सोमवार सुबह ही भाजपा ने अपना रुख साफ करते हुए दिल्ली में सरकार न बना पाने की चिट्ठी सौंप दी। इस स्थिति में अब एलजी को दूसरी सबसे बड़ी पार्टी यानि आप को बुलाकर सरकार बनाने की चर्चा किए जाने की संभावनाएं हैं।
इस बात की ओर खुद केजरीवाल ने ट्वीट कर सबका आकर्षण खींचा है। उनके ट्वीट के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में नये सिरे से बहस शुरू हो गई है और यह अटकलें लगाए जाने लगे कि क्या केजरीवाल फिर से सीएम बनना चाहते हैं।
तो क्या फिर AAP दिल्ली में बनाएगी सरकार?
केजरीवाल का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते एलजी को दिल्ली में सरकार बनाने के लिए भाजपा को बुलाना चाहिए। उसके बाद एलजी को सार्वजनिक तौर पर यह बताना चाहिए कि क्या भाजपा सरकार बनाने से मना कर दिया।
अगर ऐसा है कि भाजपा सरकार बनाने में रुचि नहीं ले रही है तो उस स्थिति में उन्हें दिल्ली दूसरी सबसे बड़ी पार्टी यानि आम आदमी पार्टी को बुलाकर सरकार बनाने का मौका देना चाहिए। जैसा कि पिछले साल दिसंबर में एलजी ने किया था।
सोमवार सुबह भाजपा की ओर से स्पष्ट किए जाने कि वह सरकार बनाने में सक्षम नहीं बाद केजरीवाल ने चुप्पी साध रखी थी, लेकिन बाद में उन्होंने ट्वीट कर अपनी मंसा जाहिर की। इससे एक नई बहस यह चल पड़ी है कि क्या आम आदमी पार्टी फिर दिल्ली में सरकार बनाने में रुचि दिखाएगी।
LG shud first "formally" invite BJP(largest party), seek their "formal" stand,make it public, then invite next party, the way he did in Dec— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) November 3, 2014
एलजी ने चिट्ठी लिखकर केजरीवाल को बुलाया
इस बाबत एलजी ने उन्हें चिट्ठी भेजकर मुलाकत के लिए भी कहा, लेकिन फिलहाल केजरीवाल ने मना कर दिया है। मामले में केजरीवाल ने चिट्ठी लिखकर स्पष्टीकरण दिया है।
उनके मुताबिक उन्हें दोपहर 12.50 पर एलजी की ओर से चिट्ठी भेजकर 2.00 बजे मिलने की बात कही गई। लेकिन केजरीवाल ने पहले से ही इस वक्त पर कुछ अन्य बैठकें तय कर रखीं थीं, अतः वे अपना कार्यक्रम बदलने में अक्षम हैं।