दिल्ली को ट्रेड हब बनाने का वादा करने के साथ शनिवार को आम आदमी पार्टी ने अपने व्यापार प्रकोष्ठ का औपचारिक तौर पर गठन किया।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगर वह आगामी चुनाव में सत्ता में आए तो को व्यापार केंद्र बनाने के साथ यहां इंसपेक्टर राज खत्म कर देंगे।
व्यापारी एक ऐसा वर्ग जिससे देश की आर्थिक व्यवस्था चलती है। व्यापारियों का अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारी नीतियां इतनी कठिन है कि व्यापारी इंस्पेक्टर राज के बोझ से दब जाता है। यह इसलिए बना हुआ है, जिससे भ्रष्टाचार का बोलबाला बना रहे।
केजरीवाल ने छोड़ा तीर
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली से कभी पूरे देश में व्यापार होता था, क्योंकि यहां वैट सबसे कम होता था। अब दिल्ली में 12 प्रतिशत से ज्यादा वैट वसूला जाता है, नतीजन व्यापारी दिल्ली से बाहर हरियाणा, पंजाब जैसी जगहों पर जाकर व्यापार कर रहा है। वैट कर को जानबूझकर पेचीदा बनाया गया है जिससे व्यापारी वर्ग डरा रहे।
उन्होंने कहा कि हमारी 49 दिनों की सरकार में वैट प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ किसी भी तरह की रेड नहीं की गई। उन्होंने कहा हम व्यापारी को ज्यादा से ज्यादा जुड़ सके लाभ पहुंचा सके इसलिए व्यापार प्रकोष्ठ बनाया है।
पार्टी ने व्यापार प्रकोष्ठ के आधार पर दिल्ली को 14 जिलों में बांटा गया है। 14 जिलाध्यक्ष बनाए गए है जो कि यह जिला इकाई अपने इलाके में व्यापारियों को जोड़ने के साथ छोटे बड़े मार्केट एसोसिएशन के साथ भी मिलकर काम करेगी। अभी तक पार्टी से 400 एसोसिएशनें जुड़ चुकी है।
भाषण के बीच हुआ हंगामा
केजरीवाल के व्यापार प्रकोष्ठ की घोषणा के दौरान एक युवक ने हंगामा शुरू कर दिया। दर्शक दीर्घा में बैठे इस युवक ने केजरीवाल के भाषण के दौरान ही उठकर तेज-तेज से बोलने लगा। उसका आरोप था कि आप के विधायक ने उसके मकान पर कब्जा कर लिया है।
केजरीवाल के बार-बार समझाने की वह उसकी बात बाद में सुनेंगे। लेकिन वह नहीं माना वह हंगामा करता रहा। तब कुछ लोगों ने उसे हाल से बाहर निकाला। युवक ने बातचीत में अपना नाम तरूण यादव बताया है। वह मादीपुर का रहने वाला है।
उसने बताया कि उसने अपना मादीपुर का घर का आप के विधायक गिरीश सोनी को किराए पर दे रखा है। उसका आरोप है कि गिरीश सोनी एक कमरे में अपना ऑफिस चला रहे हैं, जो अब वह खाली नहीं कर रहे है।
जब इस मामले में गिरीश सोनी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैनें ऑफिस किराए पर ले रखा था और इनसे चुनाव तक का समय मांगा था। लेकिन इस हंगामे के बाद शनिवार शाम को ही ऑफिस खाली कर दिया है। सोनी ने आरोप लगाया कि बीच कार्यक्रम में इस तरह से हंगामा मचाने के पीछे राजनीतिक षडयंत्र है ताकि पार्टी की छवि खराब की जा सके।