मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उपराज्यपाल के आपत्तियों को दरकिनार कर दिल्ली के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना की शुरुआत कर दी। अब हर साल दिल्ली के करीब 77,000 वरिष्ठ नागरिक अलग-अलग पांच रूटों के धार्मिक स्थलों की यात्रा सरकारी खर्च पर कर सकेंगे। राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि दिल्ली का कोई भी निवासी जिनकी उम्र 60 वर्ष से ऊपर है इस योजना का लाभ ले सकता है। तीर्थ यात्रा तीन दिन और दो रात की होगी।
गहलोत के मुताबिक कैबिनेट ने 8 जनवरी को इस योजना की शुरुआत की थी। लेकिन उपराज्यपाल ने इस योजना पर कई तरह की आपत्तियां लगा दी थीं। इससे योजना अधर में लटक गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सरकार ने सभी आपत्तियों को दरकिनार इस योजना को हरी झंडी दे दी है।
योजना के तहत हर विधानसभा से हर साल 1100 यात्रियों को सरकारी खर्च पर अलग-अलग तीर्थों की यात्रा करवाई जाएगी। इससे दिल्ली के 77,000 वरिष्ठ नागरिक हर साल मुफ्त में धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।