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Delhi NCR News: हाईकोर्ट से केजरीवाल को एक और झटका, बेंच बदलने की प्रार्थना खारिज

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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की प्रार्थना को ठुकरा दिया है। कथित आबकारी मामले में आरोपी बनाए गए केजरीवाल समेत आठ लोगों ने पत्र लिखकर सीबीआई की याचिका को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच से हटाकर किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने की अपील की थी।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से 13 मार्च को भेजे गए पत्र में मुख्य न्यायाधीश के हवाले से कहा गया है कि याचिका वर्तमान रोस्टर के अनुसार माननीय न्यायाधीश को ही सौंपी गई है। रिक्यूजल (खुद को अलग करने) का कोई भी निर्णय संबंधित माननीय न्यायाधीश को ही लेना होगा। प्रशासनिक पक्ष से याचिका ट्रांसफर करने का कोई कारण नहीं पाता। केजरीवाल ने 11 मार्च को मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में आशंका जताई थी कि यदि मामला न्यायमूर्ति शर्मा के पास ही रहा तो सुनवाई में निष्पक्षता और तटस्थता की कमी हो सकती है। उन्होंने 9 मार्च के आदेश का हवाला दिया, जिसमें न्यायमूर्ति शर्मा ने ट्रायल कोर्ट के डिस्चार्ज आदेश पर अंतरिम रोक लगाई थी। सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर रोक लगाई थी और ट्रायल कोर्ट को पीएमएलए कार्यवाही टालने का निर्देश दिया था। केजरीवाल ने दावा किया कि यह आदेश बिना पर्याप्त कारण बताए और बिना आरोपियों को सुने पारित किया गया, जो पूर्वाग्रह का संकेत देता है।
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अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे केजरीवाल

कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मामले में जज बदलने की मांग को लेकर अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।
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पहले केजरीवाल ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मामले की सुनवाई किसी अन्य पीठ को सौंपने का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। उसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसी मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से जारी समन को चुनौती दी है। सिसोदिया का कहना है कि हाईकोर्ट का समन कानूनन उचित नहीं है और इसे निरस्त किया जाना चाहिए।
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