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दिल्ली फतह के बाद संजय सिंह ने कहा, केजरीवाल ने दी राष्ट्रवाद को नई परिभाषा

Thu, 13 Feb 2020 05:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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sanjay singh - फोटो : अमर उजाला
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एतिहासिक जीत के साथ सरकार बनाने जा रही आम आदमी पार्टी की प्राथमिकता इस साल दिल्ली के वायु प्रदूषण से निपटने और यमुना नदी को साफ करने की है। दिल्लीवालों को मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था देना भी आप का वादा है। दिल्ली चुनाव में इतनी बड़ी जीत व पांच साल की प्राथमिकताओं पर पार्टी के दिल्ली चुनाव प्रभारी व सांसद संजय सिंह ने विस्तार ने ‘अमर उजाला’ संवाददाता संतोष कुमार से बात की।

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इतनी बड़ी जीत को किस तरह देखते हैं?
दिल्ली सरकार के काम को। अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रवाद को नई परिभाषा दी है। जब लोग मजबूत होंगे, तभी राष्ट्र भी मजबूत होगा। शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, पानी, बुनियादी सुविधाएं आम आदमी को देकर उसे मजबूत करना और आम आदमी को मजबूत करके राष्ट्र को मजबूत करना यह हमारा राष्ट्रवाद है। हमने काम के जरिए राष्ट्रवाद को परिभाषित किया है। इसमें काम करके वोट मांगा जाता है।

सरकार की प्राथमिकताएं क्या होंगी?
हमारा घोषणा पत्र जनता के साथ हमारा करार होता है। 70 बिंदुओं का एजेंडा था पिछली बार, जिससे ज्यादा काम किया गया। आगे के पांच साल में हम अपने घोषणा पत्र के हिसाब से काम करेंगे। पर्यावरण प्रदूषण, यमुना की सफाई, सार्वजनिक परिवहन व यातायात हमारी प्राथमिकता होगा। और बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा पर जो काम चल रहा है, उसको और मजबूती दी जाएगी।
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क्या राष्ट्रीय फलक पर जाने की कोशिश होगी?
पार्टी का अगला काम संगठन विस्तार का होगा। पिछले चुनाव के बाद भी इस पर काम हुआ था। इस बार भी पार्टी ने राष्ट्र निर्माण से जुड़ने के लिए देशभर के लोगों से आप से जुड़ने की अपील की है। पहले 24 घंटे में इससे 11 लाख से ज्यादा लोग आप से जुड़े हैं। हालांकि, इस पर विस्तार से चर्चा करने के लिए आप की पीएसी की बैठक होगी। इसमें तय किया जाएगा कि आगे किस तरह से पार्टी को मजबूत करना है।

दिल्ली चुनाव में इस बार तनाव तो बहुत रहा होगा?
हां, भाजपा वाले अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी बोल रहे थे। केंद्रीय मंत्री गोली मारने के नारे लगवा रहे थे। दिल्ली चुनाव को हिंदुस्तान व पाकिस्तान का मुकाबला तक बताया गया, लेकिन बिना किसी विवाद में फंसे हम अपने चुनावी मुद्दे पर कायम रहे। हमें यकीन था कि दिल्ली की दो करोड़ जनता तय कर देगी कि उनका बेटा कट्टर राष्ट्रभक्त है। नतीजतन, हिंदुस्तान जीत गया है।

क्या भाजपा के प्रचार अभियान के दबाव में केजरीवाल ने हनुमान जी की शरण ली?
बनारस भी गए थे तो उन्होंने मंदिर में जाकर पूजा की थी। मंदिर में जाना हमारी आस्था का विषय है। हनुमान जी को मानते हैं केजरीवाल, इसलिए गए मंदिर में पूजा करने। इसमें भाजपा वालों को क्या समस्या है। मतलब, वो भगवान की ठेकेदारी लेकर बैठे हुए हैं, धर्म की ठेकेदारी लेकर बैठे हुए हैं, राष्ट्र की ठेकेदारी वो लेकर रखे हैं, यह तो ठीक नहीं है। धर्म हमारी निजी आस्था का विषय है।

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