मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डीडीसीए मानहानि विवाद मामले में संयुक्त रजिस्ट्रार के फैसले को चुनौती दी है। केजरीवाल ने 1999 से 2014 के बीच हुई डीडीसीए की बैठकों का रिकार्ड मंगाने की मांग की थी।
इस अर्जी को संयुक्त रजिस्ट्रार ने 31 अक्तूबर को खारिज कर दिया था। जस्टिस मनमोहन ने केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई के लिये 17 जनवरी की तारीख तय की है क्योंकि शुक्रवार को याचिका पर जिरह के लिये केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के वकील मौजूद नहीं थे।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने याचिका दायर कर कोर्ट के पिछले आदेश को खारिज करने और डीडीसीए की बैठकों का रिकार्ड मंगाने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री 1999 से 2013 के बीच दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष थे।
हाईकोर्ट के संयुक्त रजिस्ट्रार ने केजरीवाल की अर्जी खारिज करते हुये कहा था कि उन्होंने जो रिकार्ड तलब करने का आग्रह किया उसके आधार पर आरोप नहीं लगाये थे। इसलिये उन्हें अपनी अर्जी के मुद्दों से बाहर जाकर बहस की अनुमति नहीं दी जा सकती।
डीडीसीए मानहानि विवाद मामले में केजरीवाल ने अर्जी दायर कर डीडीसीए की बैठकों का रिकार्ड तलब करने की मांग की थी। जेटली ने केजरीवाल समेत आप के छह नेताओं पर मानहानि के मामले में 10 करोड़ रुपये का दावा ठोका था। जेटली के मुताबिक केजरीवाल व अन्य आरोपियों ने उन पर डीडीसीए का अध्यक्ष रहते हुये अनियमितता करने के झूठे आरोप लगाये थे।