आम आदमी पार्टी के भीतर की फूट और नाराजगी अब बाहर आने लगी है। पार्टी कार्यकर्ता अब खुलेआम AAP की रणनीति और पार्टी नेताओं का विरोध करने लगे हैं।
सोमवार को कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे अरविंद केजरीवाल के सामने भी नाराज कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पार्टी नेता उनकी शिकायतें नहीं सुनते हैं और न ही उनका फोन उठाते हैं।
सम्मेलन को संबोधित करने के लिए केजरीवाल, संजय सिंह, योगेंद्र यादव, शाजिया इल्मी, आशुतोष और गोपाल राय आदि नेता सोमवार को कौशांबी पहुंचे थे।
इतनी खरी-खरी सुन नहीं पाए केजरीवाल!
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि AAP अब वीआईपी हो गई है। पार्टी नेताओं से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इतना ही नहीं प्रत्याशी भी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं।
इस पर केजरीवाल ने तुरंत इसकी शिकायत फोन पर करने की बात कही, तो कार्यकर्ताओं ने उन पर ही सवाल दाग दिया और हंगामा करने लगे। कार्यकर्ताओं ने कहा, कोई भी आला नेता कार्यकर्ताओं के फोन ही नहीं उठाता।
कार्यकर्ताओं का गुस्सा देख अरविंद केजरीवाल ने उन्हें समझाया और जरूरी काम की बात कहकर सम्मेलन बीच में ही छोड़कर दिल्ली चले गए।
सम्मेलन में केजरी को क्यों आया गुस्सा?
लोकसभा चुनावों से ठीक पहले AAP कार्यकर्ताओं का ये गुस्सा पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी के नेता और प्रत्याशी वीआईपी कल्चर में डूबते जा रहे हैं।
केजरीवाल भी कार्यकर्ताओं का गुस्सा ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पाए। शिकायतों से गुस्साए केजरीवाल ने कुछ कार्यकर्ताओं पर सम्मेलन को हाईजैक करने का आरोप तक लगा दिया।
अपने ही गढ़ में कार्यकर्ताओं के बीच केजरी की ऐसी बेबसी उनकी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। इतना ही नहीं, ऐसी गतिविधियों से विरोधियों को भी वार करने का मौका मिलेगा।