ड्रग्स के आरोपों से मजीठिया को घेरने वाले अरविंद केजरीवाल ने जब उनसे माफी मांगी, तो पंजाब में पार्टी लगभग टूटने के कगार पर है। उनके इस कदम पर पार्टी में उनके करीबी बड़े नेता (जिसमें राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी शामिल हैं) खुलकर आलोचना कर चुके हैं। पार्टी नेतृत्व को भी अब इस कदम को लेकर पंजाब में टूट का डर सताने लगा है, इसलिए वहां के नेताओं को लेकर शनिवार को बैठक की गई।
पार्टी सूत्रों की मानें, तो आम आदमी पार्टी नेतृत्व पंजाब में उठे विरोध को शांत करने की कोशिश में जुट गया है। मनीष सिसोदिया के साथ संजय सिंह को इस काम के लिए लगाया गया है। हालांकि संजय सिंह फिलहाल अपने गृह जनपद सुल्तानपुर गए हैं, लेकिन रविवार तक उनके वापस आने की सूचना है। वह पंजाब नेताओं के संपर्क में हैं।
इसके अलावा मनीष सिसोदिया ने पंजाब के सभी आम आदमी पार्टी विधायकों को रविवार शाम पांच बजे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर बैठक के लिए बुलाया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि पार्टी इस विवाद का हल निकाल लेगी, मगर पार्टी की चिंता यह भी है कि कुछ विधायक दिल्ली की बजाय इस विवाद पर पंजाब में ही बैठक करने का मुद्दा उठा रहे हैं। इसमें सुखपाल खैरा गुट के विधायक कंवर संधू पहले ही विरोध जता चुके हैं।