सुहाग के प्रति समर्पण का त्यौहार करवाचौथ आज उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। सिर पर लाल ओढनी, मांग में सिंदूर, माथे पर बिंदिया, हाथों में मेहंदी, कुछ ऐसे ही रंग में सुहागन महिलाएं रंगी नजर आएंगी।
इससे पहले मंगलवार को इस त्योहार की तैयारियों में शहर सराबोर दिखाई दिया। सभी बाजारों में देर रात तक रौनक दिखाई दी। महिलाओं ने साज-श्रंगार के सामान की जमकर खरीदारी की। वहीं, पति भी अपनी पत्नियों के लिए तोहफे की खरीदते नजर आए। मेहंदी लगवाने से लेकर ब्यूटी पार्लरों में भीड़ रही।
देर रात तक एक नंबर, पांच नंबर, सेक्टर-15, ओल्ड फरीदाबाद, तीन नंबर, सराय ख्वाजा व बल्लभगढ़ आदि बाजारों में भारी भीड़ रही। ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी लगाने वाले स्टॉलों पर महिलाओं को नंबर लगाना पड़ा। महिलाएं सुबह से ही खरीदारी करने में व्यस्त दिखीं।
बाजारों में ज्वैलरी शॉप, गिफ्ट गैलरियों, कॉस्मेटिक शॉप और कपड़ों की दुकानों पर खासी भीड़ रही। साज-श्रृंगार के अलावा सासू मां को भेंट देने के लिए साडिय़ों व अन्य उपहारों की खरीदारी की। करवा चौथ की पूर्व संध्या पर लगभग सभी ब्यूटी पार्लरों पर महिलाओं की भीड़ रही।
पार्लर देर रात तक खुले रहे। जिन महिलाओं का पहला करवाचौथ है उन्होंने दुल्हन की तरह सजने के लिए पार्लर में पहले ही बुकिंग करा दी। एनएच-पांच निवासी तमन्ना ने बताया कि एक साल पहले ही उनकी शादी हुई है।
इस बार पहली करवाचौथ है, ऐसे में उत्साह भी अधिक है। सेक्टर 64 निवासी सरिता वशिष्ठ ने बताया कि करवाचौथ न केवल त्योहार है, बल्कि पत्नी-पत्नी की प्रेम भावनाओं का प्रतीक है।
पार्लर बुक, मेंहदी के लिए लगी लाइन
ब्यूटी पार्लरों में महिलाओं को सजाने-संवारने के लिए कई पैकेज दिए गए हैं। करवा चौथ पर महिलाओं के लिए 500 रुपये से 5000 रुपये तक के पैकेज ब्यूटी पार्लर में उपलब्ध हैं। हर वर्ग के लोग अपनी जेब के हिसाब से सुंदरता पर खर्च कर सकते हैं।
बाजारों में मेहंदी लगाने का रेट 2500 रुपये तक है। आम दिनों में जो मेहंदी 50 से 100 रुपये में लगती थी, उसके लिए मंगलवार को 500 रुपये तक लिए जा रहे थे। महिलाओं ने दुल्हन की लुक के लिए ब्राइडल मेंहदी लगवाने पर पैसा खर्च करने में हाथ नहीं खींचे।
ओल्ड स्थित एक ब्यूटी पार्लर के संचालन रूपाली ने बताया कि करवाचौथ वाले दिन करीब 100 महिलाओं ने बुकिंग कराई है। इसको देखते हुए अतिरिक्त कारीगर बुलाए गए हैं।
डिजाईनर छलनी और करवों की धूम
पारंपरिक करवों व छलनी के साथ बाजार में डिजाईनर व सजावटी करवे व छलनी काफी पसंद किए जा रहे हैं। चीनी मिट्टी के करवों पर चांद को देखती महिला, करवा चौथ की कहानी सुनती व पूजा करती हुई महिलाओं की चित्रकारी की गई है। इनके दाम 80 रुपये से 150 रुपये के बीच है। बाजार में छोटे बड़े हर आकार के करवे उपलब्ध हैं।
कथा सुनने के लिए जुटेंगी महिलाएं
बदलते जमाने के साथ अब त्योहार मनाने का नजरिया भी बदल रहा है लेकिन कई जगह आज भी पारंपरिक अंदाज में करवाचौथ का त्योहार मनाया जाता है। जिले के ग्रामीण परिवेष में किसी एक के घर पर आसपड़ोस की महिलाओं की मंडली कथा सुनने जाती है। गांवों व कॉलोनियों में इस बार भी इसी तरह कथा सुनी जाएगी। वहीं, सेक्टरों में पार्क और सामुदायिक केंद्रों में करवाचौथ की कथाएं सुनी जाएंगी।
करवाचौथ पर रखूंगी निर्जला व्रत
मेरे परिर में सभी त्योहार हिंदू री-रिवाज से मनाए जाते हैं। हमारे समाज की जो परंपरा है उसी के अनुसार ही करवाचौथ का त्योहार भी मनाउंगी। हर बार करवाचौथ पर पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हूं। शाम को चांद निकलने के बाद ही जल ग्रहण करती हूं। अपने आवास पर ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्योहार मनाउंगी। -सोनल गोयल, नगर निगम आयुक्त फरीदाबाद
मेरे लिए महत्वपूर्ण है यह व्रत
करवाचौथ का व्रत मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ड््यूटी का निर्वहन करते हुए भी यह व्रत रखती हूं। सुनील डाबला से शादी हुए सात साल हो गए हैं तब से उनकी लंबी उम्र के लिए हर साल यह व्रत रख रही हूं। इस बार भी विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर व्रत रखूंगी। चांद निकलने के बाद व्रत खोला जाएगा।
-पूजा डाबला, एसीपी क्राइम अगेंस्ट वूमन
करवाचौथ जैसे त्योहार केवल परंपराओं का पालन करना नहीं है, बल्कि यह त्योहार भावनाओं से जुड़ा हुआ है। मैं हर साल रीति-रिवाज के साथ इस त्योहार को मनाती हूं। इस बार भी घर पर रहकर ही निर्जला व्रत रखूंगी। शाम को चंद्रमा को अघ्र्य देकर व्रत खोलूंगी।
-उपमा अरोड़ा, बीडीपीओ बल्लभगढ़