वायु सेना की सुरक्षा में निजी ग्लाइडर सेंध लगा सकते हैं। गुडग़ांव-फरीदाबाद रोड स्थित वायु सेना के रडार सेंटर के नजदीक एडवेंचर के शौकीनों के लिए निजी क्लब के ग्लाइडर उड़ रहे हैं। जिससे वायु सेना के इस केंद्र पर सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान उठ गया है।
सुरक्षा के मद्देनजर वायु सेना इस पर आपत्ति जता चुकी है, लेकिन इसके बावजूद यह ग्लाइडर क्लब अपनी सेवाएं दे रहा है। ऐसे में भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
दरअसल, सेक्टर-58 के पास अरावली से करीब फ्लाई ब्वॉय नाम से एक निजी कंपनी एडवेंचर के शौकीनों के लिए करीब ढाई महीने से ग्लाइडर सेवा दे रहा है। यही से थोड़ी दूरी पर वायु सेना का रडार सेंटर है।
जिसके जरिये वायु सेना कई तरह की गतिविधियों पर नजर रखता है, लेकिन इसके करीब उडने वाला सेना की गतिविधियों मं सेंध लगा सकता है। एक बार ग्लाइडर उड़ान भरने के बाद करीब 250 फीट ऊपर उड़ता है।
इसे देखते हुए इसके शुरुआत में ही वायु सेना के अधिकारी ने आपत्ति जताते हुए बंद करवाने की कोशिश की, लेकिन यह अब तक जारी है। इससे जिला प्रशासन भी अनजान है।
बता दें कि क्लब के पास आठ ग्लाइडर है। दो सीटर के ग्लाइडर में 16 लीटर उच्चतम गुणवत्ता के पेट्रोल डालने के बाद लगातार आधा घंटे तक उड़ान भरी जा सकती है। ऐसे में रडार सेंटर के ऊपर से अंदर होने वाली गतिविधियों को रिकॉर्डिंग की सकती है।
हालांकि फ्लाई ब्वॉय के पायलट दिनेश का कहना है कि वो क्लब के चारों ओर ही उड़ते हैं और पांच से दस मिनट के लिए यह सेवाएं होती है। हालांकि मंगलवार को कोई उड़ान नहीं भरा गया।
सुरक्षा विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह की गतिविधियां सैन्य ठिकाने के नजदीक नहीं होना चाहिए। ग्लाइडर की सुरक्षा के लिए सुरक्षा के कोई माकूल बंदोबस्त नहीं है। न ही हथियारबंद गार्ड। जो किसी स्थिति से निपट सके।
रक्षा मंत्रालय के पूर्व सुरक्षा सलाहकार (दक्षिण अफ्रीका)मेजर जनरल रणवीर यादव कहते हैं सेना की आपत्ति के बावजूद ग्लाइडर उड़ाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को कदम उठाना चाहिए।
जिस तरह से अभी देश में माहौल है, कोई भी आतंकी घटना को अंजाम दे सकता है। या वहां की गतिविधियों को सार्वजनिक कर सकता है। जो देशहित में नहीं है।
टीएल सत्यप्रकाश, उपायुक्त, गुडग़ांव: इस बारे में जानकारी नहीं है। ग्लाइडर उड़ाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से कोई अनुमति नहीं दी गई है। अगर ऐसा है तो इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे बंद करवाया जाएगा।