दिल्ली एनसीआर का बाजार करवाचौथ पर अपने चांद का दीदार आधुनिक तरीके से कराने के लिए तैयार है। सुहागिनों का यह त्योहार शनिवार को है। इस बार बाजार में पारंपरिक सामान को आधुनिक रूप देकर नया बनाने की कोशिश की गई है।
इसमें खासकर करवे का सेट है। साथ ही ब्यूटी पार्र्लर और ज्वेलर्स के डिस्काउंट ऑफर हैं। वहीं, लेटेस्ट फैशन में चार चांद लगातीं ड्रेस और मेहंदी के खूबसूरत डिजाइन भी मौजूद हैं।
नोएडा के सेक्टर-62 और 18 के बाजार में पीतल, तांबे, मिट्टी के करवे वेलवेट के ऊपर रंग-बिरंगे नग और सुनहरी लेस से डिजाइन किए हुए मिल रहे हैं। करवा खरीदतीं संध्या सेठी बताती हैं मंगलवार को शरद पूर्णिमा के दिन से करवाचौथ की तैयारियां शुरू हो जाती हैं।
इसलिए एक हाथ में मेहंदी लगाकर शगुन कर लिया है। कहती हैं, पहले यही करवे साधारण मिट्टी से बने मिलते थे लेकिन फैशनपरस्त लोगों ने इसे भी सजीला बना दिया। वहीं पेशे से इंजीनियर रुपाली ने बताया कि समय के साथ करवे ने अपना रूप बदल लिया, लेकिन त्योहार आज भी पूरी विधि से मनाती हैं।
सेक्टर-18 स्थित सिंधी नमकीन एंड ड्राई फ्रूट्स के अनुज बताते हैं कि पिछले साल से अलग करवों के कुछ खास डिजाइनों को इस बार बाजार में उतारा गया है। इसके लिए स्पेशल डिजाइनर होते हैं। इस बार करवे के साथ दीया, थाल, चलनी और बायना मंसने के लिए मट्ठी भी तैयार की गई है। आजकल महिलाओं के पास समय कम है, इसलिए सारा सामान रेडीमेड लेना पसंद करती हैं।
मटीरियल करवे पर ऑफर भी
इलीट क्लास की खास पसंद हैं चांदी के करवे। सेक्टर-18 स्थित बांके बिहारी ज्वेलर्स पर मिलीं तूलिका बताती हैं कि 10 साल पहले पीतल का करवा खरीदा था। चमक में कुछ कमी आ गई है। इसलिए इस साल चांदी का लेना पड़ रहा है। वहीं तिरुपति ज्वेलर्स के ओनर विनोद गुप्ता बताते हैं कि हर साल एक ही करवे की पूजा करने वाले चांदी के करवों को पसंद करते हैं।
करवाचौथ के मौके पर डिस्काउंट ऑफर भी चलाया जा रहा है। इसमें सोने का जितने ग्राम सामान खरीदती हैं तो उतने ही वजन का चांदी का सामान फ्री कर दिया है। इसी प्रकार डायमंड के ग्राम के बराबर सोने का सामान फ्री कर दिया है। शनिवार तक 10 से 20 फीसदी मेकिंग चार्ज भी कम कर दिए गए हैं।
सेक्टर-62 स्थित आरजे उत्सव के मैनेजर एसकेएस सचदेवा बताते हैं, जब से टीवी सीरियलों और फिल्मों में स्टाइलिश करवों का चलन हो गया है, रंग-बिरंगे मटीरियल करवे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। वह बताते हैं कि 2000 से लेकर 11000 तक के स्टाइलिश करवों को रखा गया है। साथ में चांदी के सिक्कों का ऑफर भी रखा गया है।
पाकिस्तानी सूट फबेगा
कुंदन, जरी और लेसदार स्ट्रेट कुर्तों का चलन तब से और बढ़ गया है जब से दिल्ली के प्रगति मैदान में लगे मेले में पाकिस्तानी डिजाइनरों ने उम्दा सूट बाजार में उतारकर नया फैशन ईजाद किया। इसीलिए तो नोएडा के सेक्टर-18 की ओपन मार्केट हो या जीआईपी में पैंटालून , बीबा, त्रिशा शोरूम यहां करवाचौथ के लिए वर्किंग वुमन महंगी साड़ियों की खरीदारी न करके पाकिस्तानी सूट को ज्यादा पसंद कर रही हैं।
पैंटालून शोरूम में मिलीं अनिता बताती हैं कि आजकल लंबे सूटों का चलन है। इसलिए पाकिस्तानी ट्रेंड में स्ट्रेट सूट लेने आई हैं। यहां अनारकली के भी खास डिजाइन हैं जो पहले चला करते थे। सोनू अरोड़ा एमएनसी में इंजीनियर हैं। कहती हैं, छुट्टी तो होती नहीं, साड़ी पहनकर ऑफिस जाना बनता नहीं। ऐसे में सूट ले रही हूं ताकि ऑफिस और पूजा दोनों में पहन सकूं।
पंजाब की रहने वाली कीर्ति नाहर जीआईपी ग्लोबस में सूट की मैचिंग के दुपट्टे मिलवा रही थीं, बताती हैं कि करवाचौथ तो पंजाबियों का खास त्योहार है ऊपर से उनका ये पहला करवाचौथ है तो आउटलुक भी औरों से जुदा होना चाहिए। ग्लोबस के स्टोर मैनेजर अविनाश वर्मा बताते हैं कि पाकिस्तानी कुर्ते सादे फेब्रिक में नहीं जॉरजेट-शिफॉन मिक्स में चल रहे हैं जिस पर चांदी से चमकते तारों से इंब्रॉयडरी हो। यही मार्केट की पसंद है।
करवे पर लगा फैशन का तड़का
फरीदाबाद में करवाचौथ पर भी अब फैशन का तड़का लग गया है। यश चोपड़ा की रूमानी फिल्मों और एकता कपूर के सीरियलों ने करवाचौथ को एक नया रंग दिया है। करवों पर भी फैशन का रंग चढ़ने लगा और इस करवाचौथ दिखने भी लगा है।
मिट्टी के करवे की जगह पीतल और स्टील के करवों ने ले ली है। चन्द्रमा को अर्घ्य देने के लिए डिजाइनर करवों से शहर के बाजार सज चुके हैं और महिलाएं इन करवों पर मोहित हैं। आधुनिकता की चकाचौंध में महिलाएं मिट्टी के करवों के स्थान पर पीतल और स्टील के करवों को तरजीह दे रही हैं।
सुहागिनों की सोच है कि हर करवाचौथ का करवा उनके साथ जीवनभर रहे। बर्तन विक्रेताओं की दुकानों पर पीतल और स्टील के करवों की खरीदारी हो रही है। बर्तन विक्रेताओं की मानें तो इन करवों को महिलाएं ज्यादा पसंद कर रही हैं।