वहीं कपिल सिब्बल ने भी एक्स अकाउंट पर लिखा, 'यूपी में सड़क किनारे ठेलों और भोजनालयों को मालिकों के नाम प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। क्या यह 'विकसित भारत' का रास्ता है। विभाजनकारी एजेंडे से देश बंटेगा'।
सपा के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहती है, ताकि विधानसभा उपचुनाव में उसे लाभ मिल सके। हमारे देश के हिंदू-मुस्लिम वर्षों से साथ खाते-पीते आ रहे हैं। सरकार उनके बीच नफरत फैलाना चाहती है। लेकिन सरकार अपने मकसद में कामयाब नहीं होगी। हिंदू की दुकान पर मुस्लिम काम करते हैं और मुस्लिम की दुकान पर हिंदू काम करते हैं। ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। दो समुदायों के बीच खाई पैदा की जा रही है।