शिवरात्रि पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल चलकर गंगोत्री व हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर आते हैं। वहीं बहुत से श्रद्धालु डाक कांवड़ में गंगोत्री व हरिद्वार से गंगाजल लेकर आते हैं।
राजधानी में गंगोत्री व हरिद्वार से पैदल चलकर कांवड़ में गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़ियों के आने के बीच वहां से डाक कांवड़ लाने के लिए श्रद्धालुओं के जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। कई इलाकों से बड़ी संख्या में डाक कांवड़ लाने के लिए श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार से भजन बजाते व नृत्य करते हुए गंगोत्री व हरिद्वार की ओर कूच करना शुरू किया। उनका डाक कांवड़ लाने के लिए गंगोत्री व हरिद्वार जाने का सिलसिला अगले दो दिन तक जारी रहेगा।
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शिवरात्रि पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल चलकर गंगोत्री व हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर आते हैं। वहीं बहुत से श्रद्धालु डाक कांवड़ में गंगोत्री व हरिद्वार से गंगाजल लेकर आते हैं। डाक कांवड़ लाने के लिए श्रद्धालु एक ग्रुप बनाते हैं और वे बारी-बारी से कांवड़ लेकर दौड़ते हैं। एक श्रद्धालु कांवड़ लेकर दौड़ता है और अन्य श्रद्धालु पीछे-पीछे चल रहे टैंपों में बैठे रहते हैं। डाक कांवड़ को लेकर खड़े होने की परंपरा नहीं है। डाक कांवड़ लाने के लिए श्रद्धालु समय तय करते हैं।
राजधानी के प्रत्येक गांव व कॉलोनी से डाक कांवड़ लाने के लिए श्रद्धालुओं की टीम जा रही है। इसके अलावा हरियाणा व राजस्थान के श्रद्धालुओं की टीम भी राजधानी से गुजरती है। नजफगढ़ से डाक कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार जा रही टीम के सदस्य सतपाल ने बताया कि उन्होंने कांवड़ लाने का लक्ष्य 20 घंटे तय किया है, वहीं नांगलोई से डाक कांवड़ लाने के लिए जा रही टीम के प्रमुख कृष्ण के अनुसार वह 18 घंटे में हरिद्वार से आ जाएंगे।