आधी अधूरी तैयारियों के साथ सावन के प्रथम सोमवार से कांवड़ मार्ग से दूर दराज के कांवड़ियां गुजरने शुरू हो गए हैं। कांवड़ मार्ग पर सेवा शिविर भी लगने शुरू हो गए हैं।
मगर स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक सेवा शिविर नहीं लगाया है। कांवड़ यात्रा को लेकर नगर पंचायत भी उदासीन है। आलम यह है कि अभी तक कांवड़ मार्ग पर मरम्मत का काम चल रहा है। पुलिस ने कांवड़ियों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
रात्रि में कांवड़ मार्ग पर प्रकाश की व्यवस्था तक नहीं है। यह हालत तब है जब राजस्थान, दिल्ली व हरियाणा से आने वाले अधिकांश कांवड़ियां कांवड़ मार्ग का ही प्रयोग करते हैं।
सावन के प्रथम सोमवार से कांवड़ यात्रा का श्रीगणेश हो गया। मगर कांवड़ मार्ग पर अव्यवस्था का बोल बाला है। मार्ग पर दोनों ओर झाड़ फूस खड़े हैं। रात्रि में यहां बिजली की व्यवस्था न होने के कारण अंधेरा पसर जाता है।
उक्त मार्ग पर लूटपाट व अंधेरे में जहरीले जानवरों से कांवड़ियों को खतरा है। यात्रा शुरू हो चुकी है मगर अभी भी कांवड़ मार्ग की मरम्मत का काम चल रहा है। उक्त मार्ग पर सुरक्षा का भी कोई इंतजाम नहीं है।
हालांकि प्रथम दिन काफी कम संख्या में कांवड़ियां दिखाई दिए। मंगलवार से कांवड़ियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुए विभिन्न संगठनों ने कांवड़ मार्ग पर शिविर लगाने शुरू कर दिए हैं।
इस संबंध में एसडीएम कृष्णा करुणेश का कहना है कि लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कांवड़ियों के उमड़ने वाले सैलाब के मद्देनजर प्रशासन मुस्तैद है। कांवड़ यात्रा शांति पूर्ण तरीके से संपन्न कराई जाएगी।