देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया की जमानत अर्जी पर आज सुनवाई होगी। उस पर जेएनयू परिसर में एक कार्यक्रम के दौरान देश विरोधी नारे लगाने का आरोप है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी ने 24 फरवरी को कन्हैया की जमानत पर सुनवाई इस आधार पर 29 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी थी कि पुलिस ने तर्क रखा था कि वे कन्हैया का पुन: रिमांड लेकर पूछताछ करना चाहती है।
कन्हैया से पुलिस ने 23 फरवरी को समर्पण करने वाले छात्र उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य से आमने-सामने बिठा कर पूछताछ की थी।
कपिल सिब्बल ने कोर्ट में था कि कन्हैया के खिलाफ मामला नहीं बनता
इसके बाद कन्हैया को पुन: न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया जबकि दोनों अन्य छात्र पुलिस रिमांड पर है। पुलिस जमानत अर्जी के दौरान कन्हैया व अन्य से पूछताछ का विवरण व जांच रिपोर्ट पेश कर जमानत पर विरोध जताएगी।
कन्हैया की और से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पिछली सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा पेश रिपोर्ट के आधार पर तर्क रखा था कि रिपोर्ट के आधार पर उनके मुवक्किल के खिलाफ देशद्रोह का मामला नहीं बनता।
वहीं रिपोर्ट में पुलिस ने कहा था कि कन्हैया ने नारेबाजी के अलावा स्वयं ही कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में कई देश विरोधी तत्व भी शामिल हुए और उन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे। पुलिस ने कन्हैया को 12 फरवरी को गिरफ्तार किया था और 17 फरवरी तक रिमांड पर रहने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा था।
जेएनयू में लगाए कन्हैया के इंतजार वाले पोस्टर
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार को फिर रोहित का जेएनयू टाइटल नाम से पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर में रोहित वेमुला का जिक्र करने के साथ कन्हैया के कैंपस लौटने का इंतजार करने की बात भी कही गई है, जिसका छात्रों के साथ शिक्षक भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कन्हैया इस समय देशद्रोह के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद है। दरअसल, जेएनयू का एक छात्र समूह जिसमें कन्हैया भी शामिल है हैदराबाद विश्वविद्यालय के सुइसाइड करने के मामले में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है।
जेएनयू छात्र संगठन की उपाध्यक्ष शहला रशीद के मुताबिक सत्ता में काबिज कुछ लोग हमारी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
कन्हैया आएगा और हमारी लड़ाई को आगे बढ़ाएगा
हम ईमानदारी से गलत कदमों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं उसी का नतीजा है कि हमे टारगेट किया जा रहा है। पुणे के एफटीआईआई का आंदोलन हो या रोहित वेमुला का सुइसाइड केस कन्हैया और जेएनयू के छात्रों ने हमेशा दोषियों के खिलाफ आवाज उठाई है।
उसी के चलते कन्हैया को टारगेट किया गया है। शहला ने कहा कि कन्हैया का कैंपस इंतजार कर रहा है। पुलिस बार-बार उसकी कस्टडी बढ़वा रही है उसकी जमानत नहीं होने दे रही है।
हमारी लड़ाई जारी है कन्हैया के उसमें शामिल होने का इंतजार हम कर रहे है। कन्हैया आएगा और हमारी लड़ाई को आगे बढ़ाएगा।