फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदला टिकट, बुलंदशहर से कमलेश लड़ेंगे चुनाव

Mon, 24 Feb 2014 07:37 AM IST
अमर उजाला, बुलंदशहर
विज्ञापन
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी ने रविवार को लोकसभा प्रत्याशी सुनीता चौहान का टिकट काटकर मौजूदा सांसद कमलेश वाल्मीकि को मैदान में उतार दिया है। कमलेश वाल्मीकि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी रहे हैं।
विज्ञापन


उन्हीं के आशीर्वाद से कमलेश सांसद बने थे। हालांकि कल्याण सिंह के सपा से अलग होने के बाद कमलेश से सपा हाईकमान नाराज थे। लेकिन एक बार फिर सपा ने कमलेश को मैदान में उतार कर राजनीति में नया मोड़ ला दिया है।

बुलंदशहर सीट से भाजपा के दिग्गज अशोक प्रधान को हराकर कमलेश वाल्मीकि 2009 में सांसद चुने गए थे। उन्हें पूर्व सीएम कल्याण सिंह के कोटे से टिकट मिला था।
विज्ञापन


जीतने के पीछे सपा से ज्यादा कल्याण सिंह का ही हाथ था। लोकसभा चुनाव 2014 के लिए सपा ने मौजूदा सांसद होने पर भी रवि गौतम को टिकट दे दिया था।

कुछ दिन बाद गौतम का टिकट भी कट गया और सुनीता चौहान को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। सुनीता चौहान लगातार क्षेत्र में काम कर रहीं थी।

लेकिन रविवार को पार्टी हाईकमान ने एक बार फिर प्रत्याशी बदल दिया और सांसद कमलेश वाल्मीकि के नाम का ऐलान कर दिया। सपा हाईकमान के इस फैसले के बाद बुलंदशहर की राजनीति में नया मोड़ आ गया है।

गुड्डू पंडित का मिला आशीर्वाद
जिस समय रवि गौतम को टिकट दिया गया था कि टिकट में विधायक गुड्डू पंडित की चली है। पार्टी का एक गुट इससे नाराज हुआ।

इसी गुट ने बाद में रवि गौतम का टिकट बदलवाकर गुड्डू पंडित को झटका दिया था और सुनीता को टिकट दिलवा दिया। तब से गुड्डू और सुनीता के रिश्ते खटास भरे थे।

गुड्डू उसके बाद सुनीता के कार्यक्रम में नहीं जाते थे। एक पखवाड़े पहले जिला बैठक में सुनीता और गुड्डू में जमकर तकरार भी हो गई थी।

गुड्डू ने सुनीता को रास्ते से हटाने के लिए सांसद कमलेश बाल्मीकि से रिश्ते मधुर कर उनको टिकट दिलवाने में कामयाबी हासिल कर ली। कमलेश का कहना है कि विधायक गुड्डू पंडित का काफी आशीर्वाद मिला है।

‘बाबू जी’ से होगा कमलेश का मुकाबला
2009 के लोकसभा चुनाव में कमलेश वाल्मीकि को बाबू कल्याण सिंह के आशीर्वाद से सपा का टिकट मिला था और कल्याण सिंह के आशीर्वाद से ही कमलेश ने भाजपा के दिग्गज अशोक प्रधान को शिकस्त दी थी।

बाबू जी का स्याना, डिबाई और अनूपशहर विधानसभा में प्रभाव माना जाता है। अब कल्याण सिंह भाजपा में हैं और बुलंदशहर से भाजपा का टिकट कल्याण सिंह के चहेते को ही मिलेगा।

कल्याण सिंह की कमलेश से नाराजगी भी छिपी नहीं हैं। ऐसे में कमलेश की 2014 के लिए संसद की राह आसान नहीं होगी। कमलेश का सीधा मुकाबला बाबू कल्याण सिंह से ही होगा।

नौकरी छोड़ना भी काम नहीं आया
सुनीता चौहान दिल्ली पुलिस के एक अफसर की पत्नी हैं। वह दिल्ली के एक स्कूल में टीचर थीं। टिकट मिलने का भरोसा मिलने के बाद उन्होंने वीआरएस ले लिया था और टिकट लेकर प्रचार में कूद गई थी। उन्होंने यहां पर एक मकान भी लेकर रहना भी शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें