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सूरजकुंड मेला: गांव में पालती हैं सांप, करती हैं विदेशों का भ्रमण

Sun, 14 Feb 2016 05:52 PM IST
भोला पाण्डेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
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राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर इलाके में रहने वाली सपेरा जाति की महिलाएं जीवकोपार्जन के लिए सांप पालती हैं लेकिन अपनकी कला के जरिए वह विदेशों का भी भ्रमण करती हैं। यह जानकार आपको आश्चर्य होगा लेकिन ये हकीकत है।
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30वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में आयी ये महिलाएं दर्शकों का अपने नृत्य के जरिए मनोरंजन कर रही हैं। यही नहीं राजस्थान की प्रसिद्ध चकरी नृत्य भी विदेशों में अपनी पहचान बना चुकी है। इनके कलाकार भी विदेशों का भ्रमण कला के जरिए कर चुके हैं।

विदेशों में दिलाई चकरी व कालबेलियाई डांस की पहचान:
-कालबेलियाई डांस ग्रुप के टीम लीडर तालिब खान ने बताया कि उनके ग्रुप में 100 से अधिक कलाकार हैं जिनमें 50 से अधिक महिलाएं हैं। इनमें अधिकतर महिलाएं सपेरा जाति से हैं और सांप पालती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम के सदस्य राजस्थान सरकार की कला और संस्कृति विभाग की ओर से  स्पेन, लंदन, भूटान, अमेरिका और फ्रांस की यात्रा कर चुकी हैं। चकरी नृत्य के टीम लीडर रूप सिंह ने बताया कि वेस्ट जोन कल्चर सेंटर उदयपुर की ओर से उनकी टीम को जापान, मास्को, फ्रांस और अमेरिका जाने का मौका मिल चुका है।
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सांप के जहर से बनाती हैं काजल:
-आपको जानकर यह ताज्जुब होगा कि कालबेलियाई डांस करने वाली सपेरा जाति की महिलाएं विषैले सांपों को मारकर उनके जहर को निकालकर उसे उबालकर काजल बनाती हैं और उसे लगाकर नृत्य करती हैं। तालिबखान ने बताया कि यह उनकी संस्कृति और परम्परा में शामिल है। अमेरिका में कालबेलियाई डांस को खूब पंसद किया जाता है।
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