नई दिल्ली। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सीडी देशमुख सभागार में मंगलवार को आईआईसी डबल बिल के तहत संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बनारस की लोकगायिका डॉ मन्नू यादव, अंशिका सिंह और उनके दल ने कजरी की प्रस्तुति से लोकसंगीत की मिठास घोली। पिंगलाचार्य गुरु रामधारी सिंह यादव की शिष्य परंपरा से जुड़े कलाकारों ने पारंपरिक अंदाज में कजरी पेश की। उनके साथ राम जनम यादव और शशि भूषण सिंह ने कोरस, बिजेंद्र कुमार ने हारमोनियम, सूरज कुमार ने ढोलक और चंगूर सिंह ने करतल पर संगत की।
इसके बाद लखनऊ की कथक कलाकार प्रेरणा राणा ने गुरु डॉ कुमकुम धर की शिष्य परंपरा में कथक की प्रस्तुति दी। अरिफ खान (गायन व हारमोनियम), पं विकास मिश्रा (तबला व पढ़ंत), शुभंकर शर्मा (सितार) और दिव्या रावल (पढ़ंत) ने संगत की। लोकगायन और शास्त्रीय नृत्य के इस संगम ने दर्शकों को संगीत की दो अलग लेकिन समृद्ध परंपराओं से रूबरू कराया। संवाद