बजट में आभूषणों पर एक्साईज डयूटी लगाए जाने के विरोध में पांचवें दिन सोमवार को एनआईटी, बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद जोन में ज्वैलर्स एसोसिएशनों के बैनर तले भारी संख्या में सर्राफा कारोबारी सड़क पर उतरे। इस इस दौरान कारोबारियों ने जमकर नारेबाजी की। वर्णकार संघ के अध्यक्ष बोधराज कपूर, आभूषण निर्माता एसोसिएशन के चेयरमैन एस.रहमान ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
इस मौके पर एस.रहमान ने कहा कि एक्साईज डयूटी लगाये जाने से उनके व्यापार को नुकसान उठाना पड़ेगा। पहले ही मार्किट पूरी तरह से समाप्ती के कगार पर है और ऐसे में और टैक्स लगाकर सर्राफा कारोबार को ठप करने की तैयारी सरकार ने की है।
रहमान ने कहा कि इससे पूर्व दो लाख या इससे अधिक के आभूषणों पर पैन की अनिवार्यता को लेकर भी कारोबारियों में पहले से ही नाराजगी थी, लेकिन इस बजट में सर्राफा व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद थी।
ज्वलैर्स व्यापारियों ने बताया कि अगर चांदी की ज्वैलरी में डायमंड, रूबी, सफायर जैसे स्टोन लगे होंगे, तब ही एक्साईज डयूटी की अनिवार्यता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वाणिज्य कर, आयकर के बाद अब सैंट्रल एक्साईज डिपार्टमेंट से भी कारोबारियों वास्ता पड़ेगा, जिसके चलते खाते मेंटेन करने पड़ेंगे। ईमानदार व्यापारियों का शोषण होगा।