पहली विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा का 10 दिनों के भीतर तबादला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी अब विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता को सौंप दी गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को जारी 137 न्यायिक अधिकारियों की तबादला सूची में यह बदलाव किया। इससे पहले 23 जुलाई को इस मामले में गठित देश की पहली फास्ट ट्रैक कोर्ट की कमान विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा को सौंपी गई थी। उन्होंने 25 जुलाई को कार्यभार संभाला था।
ताजा आदेश के अनुसार जज अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत में किया गया है। अब वे एनआईए के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और एनडीपीएस से जुड़े मामलों की भी सुनवाई करेंगी। आतंकी मामलों की सुनवाई करने वाले अन्य विशेष न्यायाधीशों में विकास ढुल, प्रशांत शर्मा, पुलस्त्य प्रमाचला, किरण बंसल और अमित बंसल शामिल हैं।
पीएम की घोषणा के बाद बनी थी फास्ट ट्रैक कोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को नीट पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की थी। उसी दिन दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने इस विशेष अदालत का गठन किया और इसकी जिम्मेदारी जज अनु ग्रोवर बालीगा को सौंपी।
आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर सुनवाई आज
फास्ट ट्रैक कोर्ट में 27 जुलाई को पहली सुनवाई हुई थी, लेकिन सीबीआई की ओर से अधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने के कारण सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेने और दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की थी। अब विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता सोमवार को आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर सुनवाई करेंगे।