जानें मामला
पाराशर ने बताया कि उन्होंने अपना माइक्रोफोन सेट किया था। अचानक दो सेकंड में सब कुछ हो गया। उन्होंने कहा कि उनके वीडियो में साफ दिख रहा है कि राहुल गांधी आगे बढ़े और उनका हाथ पकड़ा। उन्होंने उनका हाथ खींचा और उन्हें उनकी शक्ति महसूस हुई। उसी क्षण उनके गार्डों ने उन्हें धक्का दिया। इंटरनेट पर मौजूद वीडियो में यह स्पष्ट है।
चोटें और अनदेखी
पाराशर ने बताया कि उनका फोन टूट गया। वह चिल्ला रही थीं, "सर, मुझे धक्का दिया जा रहा है। सर, हम जा रहे हैं। कृपया धक्का न दें।" उन्होंने राहुल गांधी से धक्का न देने का अनुरोध किया। दो सेकंड में उन्हें धक्का दिया गया और वह सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियों पर गिर गईं। पत्रकार ने बताया कि उनकी सुरक्षा की गुहार को अनसुना कर दिया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं के "राहुल गांधी जिंदाबाद" के नारों से उनकी आवाज दब गई।
रिचा का दावा- किसी ने उनकी मदद नहीं की
पाराशर ने दावा किया कि गिरने के बाद उनका फोन गिर गया, लेकिन माइक्रोफोन कॉलर पर होने से रिकॉर्डिंग जारी रही। उन्होंने कहा कि वह चिल्ला रही थीं कि राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया। उनके लोग उनकी आवाज दबाने के लिए नारे लगा रहे थे। उन्हें धक्का लगने पर सदमा लगा क्योंकि किसी ने उनकी मदद नहीं की। गर्भावस्था के पहले तिमाही में होने के कारण वह अपनी स्थिति को लेकर चिंतित थीं। वह अपने पेट के बल गिरी थीं और बाद में दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में जांच के लिए गईं।