फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेएनयू नॉनवेज विवाद: एबीवीपी के अज्ञात छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज, गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, पढ़ें पूरा मामला

Mon, 11 Apr 2022 09:53 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस ने जेएनयूएसयू, आईसा व अन्य संगठनों की शिकायत पर एबीवीपी के अज्ञात छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर जेएनयू के कावेरी हॉस्टल में राम नवमी के दिन हुई हिंसा मामले में दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
जेएनयू के कावेरी हॉस्टल में विवाद की तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रामनवमी के मौके पर हुए विवाद में दो पक्षों में हुई मारपीट का मामला सोमवार को भी गरमाया रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वामपंथी संगठनों के बीच सोमवार को भी आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। एबीवीपी का आरोप है कि रामनवमी पर पूजा के आयोजन को वामपंथी दलों ने रोकने की कोशिश की। इसके लिए हिंसा पर भी उतारू हो गए। वामपंथी संगठनों ने आरोप लगाया कि कावेरी हॉस्टल को छोड़ शेष सभी हॉस्टलों में पूर्व निर्धारित मेन्यू के मुताबिक रविवार को भी नॉनवेज खाना बना। कावेरी में 350-400 छात्रों में से 170 के लिए ही वेज खाने का इंतजाम था। शेष छात्रों ने बगैर खाना खाए ही रात गुजारा। दोनों संगठनों ने अपने पक्ष को रखते हुए दूसरे को गलत ठहराया।

विज्ञापन


रामनवमी के आयोजन को रोकने की पहले से थी तैयारी: रोहित
एबीवीपी (जेएनयू इकाई) के अध्यक्ष रोहित ने मीडिया से बातचीत में कहा रामनवमी पर पूजा का फैसला लेने के बाद से ही धमकियां मिलने लगीं। इसके बाद एक फर्जी पत्र लिखवा कर पूजा को रोकने की कोशिश की गई। इसमें हस्ताक्षर, सील या मुहर नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूजा रोकने के लिए करीब 150 वामपंथी फर्जी लेटर, लाठी-डंडे, पत्थर और रॉड के साथ मौजूद थे। उन्होंने पूजा संबंधी झंडे भी फाड़ दिए, नतीजतन पूजा की शुरुआत दो घंटे देर शाम साढ़े पांच बजे हुई। वामपंथी संगठन इसे पचा नहीं पाते हैं और देश को बांटने की योजना बनाते हैं। उन्होंने मांसाहारी भोजन का आधारहीन मुद्दा उठाकर छात्रों के बीच एक खाई पैदा करने की योजना बनाई। जेएनयू के कई छात्रावास में अलग अलग धर्मों के आयोजन एक साथ होते हैं। कभी भी यह विषय नहीं आता है कि कौन क्या खाएगा। अगर तार्किक रूप से देखें तो सवाल खड़ा होता है कि यदि एबीवीपी को मांसाहार को रोकना होता तो केवल कावेरी छात्रावास में ही क्यों।

दिव्यांगों के साथ भी मारपीट
एबीवीपी का आरोप है कि आईसा ने घटना से पहले ही ट्वीट में बताया कि कैंपस में मारपीट हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में भी वामपंथी पत्थर फेंकते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने हिंसक प्रवृत्ति का परिचय देते हुए रविवार को छात्र छात्राओं के साथ दिव्यांगों के साथ भी मारपीट की। वामपंथी संगठन इस मामले में एबीवीपी को घसीटने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे आयोजन केवल छात्रावास में रहने वालों की ओर से किया गया था। एक धार्मिक उत्सव का वामपंथी राजनीतिकरण किया जाना शर्मनाक कृत्य है। वामपंथी संगठनों की तरफ से लगातार भारतीय संस्कृति और हिन्दू आस्थाओं पर किए जा रहे कुठाराघात की निंदा करता है।
विज्ञापन


दिव्यांग भी हुए चोटिल
विजय प्रधान: पूजा के बाद मैं प्रसाद लेकर जा रहा था। इस दौरान बहस के बाद मारपीट भी हुई। दिव्यांगों को भी नहीं बख्शा गया और मुझे भी गंभीर चोटें आईं। 
प्रफुल्ल: पूजा के दौरान हुई इस तरह की घटना बेहद चिंतनीय है। इस दौरान मारपीट में कई छात्रों को चोटें आईं।
दीप्ति: पूजा के दौरान अगर एक ही जगह पर मांसाहारी खाना भी हो तो ठीक नहीं लगता है। हालांकि, सभी हॉस्टल में पूर्व निर्धारित दिन पर मांसाहारी खाना भी बनता है।

एक महीने पहले तय हो जाता है मेन्यू
एसएफआई के अध्यक्ष हरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में एबीवीपी पर निशाना साधते हुए कहा कि एकमात्र कावेरी हॉस्टल में नॉनवेज खाना बनाने से मना किया गया। हॉस्टल में एक महीने के खाने का मेन्यू पहले ही तय कर लिया जाता है। अगर कोई बदलाव है तो इसकी सूचना पहले दी जाती है ताकि आपसी सहमति ली जा सके। महज कुछ घंटे पहले खाने में चिकन बनने से रोक दिया गया। इतना ही नहीं मीट सप्लाई करने वालों को भी रोका गया और धमकियां देते वापस भेज दिया गया। नॉन वेज खाना नहीं तैयार होने की वजह से महज 170-180 छात्रों को ही शाकाहारी खाना मिला, बाकि छात्रों को रविवार को खाना नहीं मिला। हरेंद्र का आरोप है कि एबीवीपी के छात्रों ने पहले उन पर रॉड व पत्थर से हमला किया। इससे बचकर कुछ छात्र वहां से बचकर निकलने में सफल रहे। उनकी तरफ से की जा रही पत्थरबाजी में अख्तरिश्ता के सिर पर गंभीर चोटें आईं जबकि और भी छात्राएं चोटिल हुईं। दोनों पक्षों में हुई मारपीट में करीब 20 छात्र-छात्राओं को चोटें आई हैं।

छात्रों का कहना
नवीन- कावेरी हॉस्टल में घटना के वक्त मैं था। वहां नॉनवेज खाना के लिए मना कर दिया गया जबकि खाना भी 50 फीसदी छात्रों के लिए ही था। दूसरा कोई खाना भी नहीं था, इसपर छात्रों ने विरोध जताते हुए कहा कि खाना तो सभी के लिए होना चाहिए। इसके बाद हुई मारपीट की घटना में कई छात्र चोटिल हुए हैं। वेंडर को भी न केवल नॉनवेज की सप्लाई करने से रोका गया बल्कि उसे भी वापस भेज दिया गया।
आयुष-खाने को लेकर ही विवाद की शुरुआत हुई और मारपीट तक पहुंच गई। इस मामले में उचित कार्रवाई की छात्रों की मांग है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो।
रागिब: मेस में इस तरह की घटना से एक बार फिर जेएनयू का नाम सुर्खियों में आ गया। हालांकि ऐसी कोई बात नहीं थी, लेकिन खाने का सभी के लिए इंतजाम होना चाहिए। मुझे भी बगैर खाना ही रात गुजारना पड़ा।

छात्राओं को भी लगी चोट, गालियां भी देने का आरोप
जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन की काउंसलर अनगा ने छात्रा ने कहा कि केवल वेज खाना बना होने की वजह से बाकि लोगों को बगैर खाना ही गुजारा करना पड़ा। मेस कमेटी के मेन्यू के मुताबिक नॉन वेज देने की वॉर्डन से मांग की। उसे भगा दिया गया, फिर कुछ देर बाद एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने गमले, पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने वाइपर, रॉड से भी हमला किया।
जेएनयूएसयू की सदस्या अपेक्षा ने कहा कि कावेरी को छोड़ जेएनयू के सभी हॉस्टलों में नॉनवेज खाना बनाया गया। इस कारण अधिकतर छात्रों को बगैर खाना गुजारा करना पड़ा। नॉन वेज लेकर आने वाले वेंडर को डराया और धमकाया गया और शाम के वक्त 7.30 बजे के बाद दोबारा मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कई जातिसूचक गालियां दीं और छात्राओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की। अखतरिस्ता अंसारी ने कहा कि पत्थर से उनकी सिर पर गंभीर चोटें आईं और टांके भी लगे। आश्चर्य की बात यह है कि ऐसे हालात में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के बाद भी अस्पताल तक जाने के लिए किसी ने एंबुलेंस तक बुलाने की जहमत नहीं की। आखिरकार ऑटो से इलाज के लिए पहुंचीं।

छात्रों के बीच झड़प की घटना दुर्भाग्यपूर्ण : सत्येंद्र जैन
दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार को कहा कि जेएनयू के कावेरी छात्रावास में हुई छात्रों की झड़प दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एक सवाल पर कहा, यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन मैं दिल्ली का गृह मंत्री हूं। इस झड़प के पीछे सवाल उस गृह मंत्री से पूछने चाहिए, जिसके अधीन दिल्ली पुलिस है।

कैंपस में हिंसा को बर्दाशत नहीं किया जाएगा -जेएनयू प्रशासन
जेएनयू के कावेरी छात्रावास में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुई झड़प के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने सोमवार को कहा कि कैंपस में किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाशत नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से हिदायत दी गई है कि कोई भी छात्र किसी तरह से ऐसी किसी घटना में शामिल नहीं होना चाहिए, जिससे कि शांति एवं सद्भाव भंग हो। यदि कोई भी ऐसी घटना में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को रजिस्ट्रार की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। मामले की गंभीरता को समझते हुए कुलपति, रेक्टर व अन्य अधिकारियों ने छात्रावास का दौरा करके छात्रों से मुलाकात की। कुलपति की ओर से कहा गया है कि कैंपस में किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। छात्रों को शांति व सद्भाव बनाकर रखना चाहिए। जेएनयू एक समृद्ध विरासत वाली संस्था है। जिसने पीढ़ियों को पोषित किया है। यह हमेशा स्वस्थ चर्चा ओर बहस की मजबूत संस्कृति के साथ अकादमिक और बौद्धिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। प्रशासन ने सभी से संयम बरतने की अपील की है। साथ ही बिना किसी बाहरी गड़बड़ी के जेएनयूए में अकादमिक माहौल को फलने फूलने देने के लिए कहा है।

जेएनयू के छात्रों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के पास किया प्रदर्शन
जेएनयू के ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) से जुड़े छात्रों ने सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के पास विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में हुई हिंसा में एबीवीपी कार्यकर्ताओं की कथित भूमिका के लिए गिरफ्तारी की मांग की। मुख्यालय के पास प्रदर्शनकारी छात्रों से ज्यादा पुलिस बल की तैनाती थी। प्रदर्शन की शुरुआत करते ही पुलिस ने करीब 15 छात्रों को हिरासत में ले लिया। आइसा के अध्यक्ष साई बालाजी ने कहा कि हमारा विरोध जारी रहेगा। पुलिस मुख्यालय पर विरोध दिल्ली पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। आइसा के आरोपों पर अभी पुलिस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें