जेएनयू में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के चलते छात्रों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई शिक्षक संघ करेगा। छात्रसंघ की मांग को शिक्षक संघ ने शुक्रवार को हुई अपनी जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) में मंजूरी दे दी।
इसमें रजिस्ट्रार द्वारा 13 जनवरी को भेजी गई एडवाइजरी मानने से इनकार कर दिया गया। जीबीएम में शिक्षकों ने 5 जनवरी की हिंसा मामले की न्यायिक जांच, हिंसा के दौरान व्हाट्स ऐप ग्रुप बनाने वाले प्रॉक्टर को हटाने की मांग रखी। साथ ही मांगें पूरी न होने पर विंटर सेमेस्टर न चलने देने की चेतावनी दी। बैठक के फैसले को दो सप्ताह बाद रिव्यू किया जाएगा।
जेएनयू शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो. डीके लोबियाल के मुताबिक, कैंपस में हिंसा के बाद शिक्षक व छात्र डरे हुए हैं। उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम होने चाहिए। जेएनयू सिक्योरिटी का कांट्रेक्ट किन कारणों से किसने बदला, इसकी जांच होनी चाहिए।
हिंसा मामले की न्यायिक जांच तक विश्वविद्यालय का माहौल सामान्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा में एबीवीपी के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे। उन्होंने न्यायिक जांच के साथ-साथ कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार व प्रोक्टर को पद से हटाने, कुलपति के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की जांच की मांग रखी।
शिक्षक संघ ने पिछले दिनों मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय को कुलपति के चार साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड बनाकर दिया था। प्रो. डीके लोबियाल ने कहा कि इस दौरान विवाद ही सबसे प्रमुख रहे। ऐसे में उनको हटाना जरूरी है।
सरकार चाहती है कि कैंपस में सामान्य ढंग से काम हो तो पहले कुलपति को हटाया जाए। इससे पूर्व, जेएनयू छात्रसंघ ने बृहस्पतिवार को जीबीएम में दिसंबर परीक्षा देने का फैसला लिया था। इसमें पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए शिक्षकों से अलग से कक्षाएं लेने का आग्रह किया गया था।