जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2019 विवादों से घिरा हुआ है। विवि की शिकायत प्रकोष्ठ समिति (जीआरसी) ने छात्रसंघ चुनाव की सत्यता पर सवाल उठा दिए हैं तो वामपंथी छात्र संगठन और चुनाव समिति उन्हें नकार रही है।
समिति के नोटिस पर चुनाव कमेटी के छात्रों ने 11 सितंबर की शाम डीन ऑफ स्टूडेंट कार्यालय में विरोध भी जताया था। इसी विरोध पर अब समिति ने चुनाव कमेटी व अन्य छात्रों को दूसरा नोटिस भेजते हुए 16 सितंबर को पेश होना का आदेश दिया है। यदि छात्र समिति के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जेएनयू शिकायत प्रकोष्ठ समिति के चेयरपर्सन प्रो. उमेश अशोक कदम की ओर से चुनाव कमेटी के सदस्यों व अन्य को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में लिखा गया है कि 11 सितंबर को सिक्योरिटी की ओर से रिपोर्ट दी गई है कि कुछ छात्र सिक्योरिटी गार्ड को धक्का देकर अंदर घुस गए। सिक्योरिटी गार्ड से धक्का-मुक्की, अभद्र व्यवहार करने के साथ बाहर इकट्ठा होकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया है। इन्हीं आरोपों के तहत प्रो. कदम ने कार्यालय में जुटे छात्रों को 16 सितंबर दुपहर ढाई बजे पेश होने का आदेश दिया है।
बेशक, जेएनयू छात्रसंघ चुनाव का रिजल्ट जारी करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है, लेकिन चुनाव कमेटी ने रुझान जारी कर दिए। इसके बाद विश्वविद्यालय शिकायत प्रकोष्ठ समिति ने चुनाव कमेटी को नोटिस भेजते हुए चुनाव प्रक्रिया, मतदान से लेकर मतगणना में नियमों का उल्लंघन माना। समिति ने चुनाव कमेटी से नौ बिंदुओं पर जवाब मांगा था। उसके बाद से लगातार विश्वविद्यालय प्रबंधन और वामपंथी छात्र संगठन एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।