नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थिति को लेकर छात्र संघ और प्रशासन के बीच तकरार तेज हो गई है। जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने लाइब्रेरी में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और ईपीडब्ल्यू जैसे महत्वपूर्ण जर्नल्स की ऑनलाइन सदस्यता बंद होने का आरोप लगाया है।
छात्र संघ की उपाध्यक्ष के. गोपिका बाबू और महासचिव सुनील यादव ने कहा कि एनआईआरएफ रैंकिंग में अव्वल रहने वाले विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। संयुक्त सचिव दानिश अली ने आरोप लगाया कि कार्यवाहक लाइब्रेरियन ने निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों से मिलने तक से इनकार कर दिया, जो बेहद शर्मनाक है।
दूसरी ओर, जेएनयू प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि संबंधित पदाधिकारियों को पहले ही निष्कासित किया जा चुका है, इसलिए उनसे मिलने का कोई औचित्य नहीं है। प्रशासन ने लाइब्रेरी की व्यवस्था पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। ब्यूरो