शिक्षक संघ ने जनरल बॉडी बैठक (जीबीएम) में हिंसा में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, हॉस्टल फीस बढ़ोतरी मामला सुलझाने और कुलपति को पद से हटाए जाने तक कक्षाओं का बायकॉट जारी रखने का फैसला लिया है। इस फैसले में छात्रसंघ भी जुड़ गया है। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने एकेडमिक कामकाज प्रभावित करने पर शिक्षकों को सर्विस रूल के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने छात्रों से कक्षाओं में लौटने की अपील की है।
सोमवार को स्कूल ऑफ साइंसेज, इंजीनियरिंग, संस्कृत आदि में छात्र और शिक्षक दोनों पहुंचे। जेएनयू शिक्षक संघ की कक्षा बायकॉट की अपील पर अधिकतर स्कूलों व सेंटरों में सन्नाटा पसरा रहा। छात्रसंघ व वामपंथी छात्र संगठनों ने शिक्षक संघ के सहयोग की घोषणा कर दी। इसके बाद कक्षाओं और लैब में मौजूद विद्यार्थी सड़कों पर आकर विरोध करने लगे। जेएनयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. डीके लोबियाल का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर कुलपति को पद से हटा और हॉस्टल फीस बढ़ोतरी का मामला नहीं सुलझाया जाता, कक्षाओं का बायकाट जारी रहेगा।
विंटर सेमेस्टर में 5 हजार रजिस्ट्रेशन
मैं सभी छात्रों से अपील करता हूं कि वे कक्षाओं में लौटें। समय से विंटर सेमेस्टर में रजिस्ट्रेशन कराएं। ऐसा नहीं होता है तो उनका दाखिला रद्द हो सकता है। इसलिए मैं छात्रों से अपील करता हूं कि वे साल खराब होने से बचाने के लिए कक्षाओं में लौट आएं। सभी दिक्कतों का मिलकर समाधान किया जा सकता है। पांच हजार छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कर लिया है।
- प्रो. एम जगदीश कुमार, कुलपति, जेएनयू।
- शिक्षकों का असहयोग कामकाज में बाधा : रजिस्ट्रार
रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार का कहना है कि शिक्षकों का असहयोग विश्वविद्यालय के कामकाज में बाधा है। उन्होंने कहा कि एकेडमिक कामकाज में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जेएनयू स्कूल व सेंटर के डीन ने की कक्षाएं शुरू करने की अपील
जेएनयू के सभी स्कूलों व स्पेशल सेंटरों के डीन की ओर से सोमवार शाम छात्रों और शिक्षकों के नाम अपील जारी की गई है। इसमें छात्रों व शिक्षकों से विश्वविद्यालय के कामकाज को प्रभावित न करने की अपील की गई है। उन्होंने लिखा है कि वे ऐसी गतिविधि से बचें, जो विश्वविद्यालय के कामकाज में अनुकूल माहौल में बाधा उत्पन्न करती हों। डीन ने लिखा है कि पांच हजार छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कर लिया है। इसका अर्थ है कि छात्र पढ़ाई करना चाहते हैं।
एचआरडी से बोले शिक्षक : कैंपस में लगता है डर
जेएनयू शिक्षक संघ और एमएचआरडी के उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे की सोमवार शाम को बैठक हुई। पांच सदस्यीय शिक्षक मंडल की अध्यक्षता प्रो. डीके लोबियाल ने की। शिक्षक संघ ने खरे से कहा कि अब उन्हें कैंपस में डर लगता है। माहौल एकेडमिक गतिविधियों के लिए अनुकूल नहीं है। संघ ने कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार को हटाने की मांग रखी।
पंजीकरण का आंकड़ा भ्रामक : साकेत मून
जेएनयू छात्रसंघ के उपाध्यक्ष साकेत मून ने प्रशासन पर रजिस्ट्रेशन का फर्जी आंकड़ा पेश करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पांच हजार छात्रों ने रजिस्ट्रेशन नहीं किया है। पांच से छह चरणों में पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होती है। इसमें छात्रों ने रजिस्ट्रेशन तो किया है, लेकिन हॉस्टल की बढ़ी हुई फीस जमा नहीं की है। विश्वविद्यालय ने तीन सौ छात्रों का एकेडमिक निलंबन किया है। विवि ऐसे छात्रों को रजिस्ट्रेशन से रोक रहा है। इसी के चलते कई छात्र प्रारंभिक पंजीकरण करने से भी पीछे हट गए हैं।
प्रदर्शनकारियों को केरल के पूर्व सीएम का समर्थन
जेएनयू हिंसा के विरोध में सोमवार शाम केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी कैंपस स्थित साबरमती हॉस्टल पहुंचे। उनके साथ केरल कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मुल्लापली रामचंद्रन और अन्य नेता थे। चांडी ने साबरमती छात्रावास में नकाबपोश भीड़ की तोड़फोड़ का जायजा लिया और घायल छात्रों से उनका हालचाल पूछा। उन्होंने फीस बढ़ोतरी के खिलाफ जारी आंदोलन को समर्थन दिया।