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Delhi NCR News: जेएनयू में छात्र संघ ने दो स्कूलों में की तालाबंदी, फंसे प्रोफेसर को निकालने के लिए बुलानी पड़ी पुलिस

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-कुलगुरु के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है छात्र संघ
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ का कुलगुरु के यूजीसी संबंधी बयान के खिलाफ और पदाधिकारियों के निष्कासन के विरोध में आंदोलन जारी है। मंगलवार को छात्र संघ के नेतृत्व में स्कूल ऑफ सोशल साइंस और स्कूल ऑफ लैंग्वेज में तालाबंदी की गई। इस बीच स्कूल में फंसे कुछ प्रोफेसर को बाहर निकालने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ी। इसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। वीडियो में छात्र पुलिस को बुलाने और दमकल कर्मियों की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। स्कूल के गेट पर सुरक्षाकर्मी और छात्र जुटे हैं। छात्र बंधक बनाने की बात को लेकर प्रोफेसर से सवाल कर रहे कि झूठ बोलकर पुलिस को क्यों बुलाया गया।
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वहीं जेएनयू छात्र संघ के महासचिव सुनील यादव ने कहा कि कुलगुरु ने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को अनावश्यक बताने और एक वर्ग विशेष को स्थायी रूप से पीड़ित बने रहने या पीड़ित होने का दावा करने से प्रगति नहीं होने की बात की थी। इसे लेकर यह विरोध किया जा रहा है। कुलगुरु के इस्तीफा नहीं देने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। 26 फरवरी को यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करने सहित कई दूसरी मांगों को लेकर जेएनयू के साबरमती टी प्वाइंट से लेकर शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकाला जाएगा। जेएनयू में स्कूल ऑफ सोशल साइंस की तालाबंदी को लेकर रविवार देर रात को एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच जमकर झड़प हुई थी। इस मामले में पुलिस ने केस किया है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को एक प्रोफेसर द्वारा स्कूल में फंसे होने के संबंध में कॉल की गई थी। बाहर से किसी को अंदर आने नहीं दिया जा रहा था। जिसके चलते पुलिस के साथ दमकल कर्मी भी पहुंचे थे।
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