जेएनयू देशद्रोह मामले में चार्जशीट दाखिल
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जेएनयू में 9 फरवरी 2016 में लगे देशविरोधी नारे मामले में पुलिस ने तीन साल बाद चार्जशीट फाइल कर दी है जिस पर आज कोर्ट ने संज्ञान लिया। इस पर सुनवाई करते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि 'आपके पास वैधानिक विभाग से कोई अनुमति नहीं है फिर आपने अनुमति के बगैर चार्जशीट क्यों फाइल की।'
कोर्ट के सवाल पर दिल्ली पुलिस ने जवाब दिया है कि अनुमति अगले 10 दिन में ले ली जाएगी। सुनवाई के बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस को जरूरी अनुमति लेने के लिए 6 फरवरी तक का समय दे दिया है। उसी दिन इस मामले की सुनवाई भी होगी।
अमर उजाला ने पहले ही प्रकाशित की थी यह खबर कि दिल्ली सरकार से नहीं ली गई है अनुमति
दरअसल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली सरकार की
अनुमति लिए बिना ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। देशद्रोह के मामले में दिल्ली सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य है। जानकारों का कहना है कि दिल्ली सरकार की अनुमति मिलने तक कोर्ट चार्जशीट में देशद्रोह वाली धारा पर संज्ञान नहीं लेगा। अगर दिल्ली सरकार ने अनुमति नहीं दी तो देशद्रोह की धारा स्वत: खत्म हो जाएगी। दिल्ली सरकार की अनुमति लिए बिना ही चार्जशीट दाखिल करने पर सवाल भी उठ रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चार्जशीट में कई आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह की धारा 124ए लगाई गई है। इस धारा में कोर्ट सीआरपीसी की धारा 196 के तहत तभी संज्ञान ले सकता है, जब दिल्ली सरकार की अनुमति मिली हो।