हरियाणा में भाजपा की सहयोगी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) में आपसी कलह की आंच राज्य की मनोहर सरकार तक पहुंच गई है। सीएम मनोहर लाल ने बृहस्पतिवार को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से इस मुद्दे पर मुलाकात की।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नड्डा और खट्टर के बीच मुलाकात में मुख्य रूप से जेजेपी में हुई बगावत पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि सहयोगी दल में जारी विवाद को खत्म करने के लिए भाजपा राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार का सहारा ले सकती है।
दरअसल जेजेपी के कद्दावर विधायक रामकुमार गौतम ने मंत्री न बनाए जाने पर पार्टी अध्यक्ष और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के खिलाफ खुली बगावत कर दी है। गौतम का दावा है कि पार्टी के 10 में से 7 विधायक दुष्यंत के खिलाफ हैं।
भाजपा को डर है कि अगर हालात नहीं संभाले गए तो जेजेपी में टूट के कारण राज्य सरकार की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। इसलिए भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार के जरिये विधायक गौतम की नाराजगी दूर करने पर मंथन कर रही है।
सीएम-गृह मंत्री में भी विवाद
राज्य में सीएम और गृह मंत्री अनिल विज के बीच सार्वजनिक हुए मतभेदों के कारण भी नड्डा से हुई मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। दोनों के बीच विवाद सतह पर आ जाने से केंद्रीय नेतृत्व भी परेशान है।
माना जा रहा है कि मुलाकात में इस विवाद पर भी लंबी चर्चा हुई। विज ने जानकारी दिये बगैर अपने मंत्रालय से जुड़े स्थानांतरण करने पर सीएम को पत्र लिखकर विरोध जताया था। कई अन्य मुद्दों पर भी सीएम और गृह मंत्री के बीच ठनी हुई है।
राव इंद्रजीत के खिलाफ भी खुला मोर्चा
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के खिलाफ भी राज्य के कई पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसद, पूर्व विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पहली जनवरी को पूर्व मंत्री राव नरवीर, जगदीश यादव, विक्रम ठेकेदार, पूर्व सांसद सुधा यादव, पूर्व विधायक तेजपाल तंवर, पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव, विधायक सत्यप्रकाश जरावता सहित कई नेताओं ने बैठक की। संतोष यादव के यहां हुई बैठक में इन नेताओं ने जिला अध्यक्षों सहित संगठन से जुड़ी अन्य नियुक्तियों में राव इंद्रजीत का खुलकर विरोध करने का फैसला किया।