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हमने हाथ जोड़े, गिड़गिड़ाए पर उन्होंने एक ना सुनी

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हमने उनके बहुत हाथ पैर जोड़े, बहुत गिड़गिड़ाए, ये तो हमारी जिंदगी भर की कमाई है, पर उन्होंने एक नहीं सुनी। उस दिन का खौफनाक मंजर याद कर सुखबीर की जबान लड़खड़ा जाती है।
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नम आंखों से कहते हैं दो घंटे तक उन्होंने जमकर लूटपाट की, पर पुलिस नहीं आई। अब हम जिएंगे कैसे? नफरत की आग में जली झज्जर की छावनी कॉलोनी में मौजूद हर घर की कहानी एक ही है।

जले हुए घर और कुचले हुए सपने। हरियाणा में जाट आरक्षण की आग में सबसे ज्यादा मौतें 60 हजार आबादी वाले इसी शहर में हुई हैं। एसपी सुमित कुमार कहते हैं कुल 13 लोग मारे गए, जिनमें 11 दंगाई और दो छावनी कॉलोनी के लोग थे। जबकि हरियाणा में कुल 19 लोगों की जान गई।
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किसी भी मुद्दे पर इतनी भीषण हिंसा पहले कभी नहीं हुई

झज्जर में जाट आरक्षण या किसी भी मुद्दे पर इतनी भीषण हिंसा पहले कभी नहीं हुई। इस बार क्यों? जाट आरक्षण संघर्ष समिति से जुडे़ ओम प्रकाश कहते हैं, हम तो सिर्फ धरना दे रहे थे।

लूटपाट और आगजनी का काम असामाजिक तत्वों का है। वहीं सैनी समाज के लोगों का कहना है जाटों ने जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया, छावनी कॉलोनी में ज्यादातर सैनी हैं। वजह, सांसद राजकुमार सैनी का जाट आरक्षण को लेकर दिया बयान।

दुखद यह कि छावनी कॉलोनी में दो लोगों की दंगाइयों ने हत्या कर दी। हिंसा के शिकार शाम लाल पीडब्लूडी में बेलदार थे, उनके परिवार के आंसू नहीं थम रहे।

बुधवार को आग बुझा रहे धर्मवीर धनखड़ कहते हैं, मेरा दिल रो रहा है।

परिवार की ओमवती कहती हैं हमारी किसी से लड़ाई नहीं थी, आसपास के गांव से आई भीड़ ने हमला किया और कुल्हाड़ी से शाम लाल सैनी को काट डाला। एक और शख्स कृष्णा सैनी को गोली मारी जिससे उसकी मौत हो गई।

भीड़ ने 20 फरवरी को सरकारी दफ्तरों में जमकर आगजनी और लूटपाट की। खंड विकास पंचायत कार्यालय में बुधवार को आग बुझा रहे धर्मवीर धनखड़ कहते हैं, मेरा दिल रो रहा है।

वहीं जाट धर्मशाला में मौजूद नरेंद्र कहते हैं किसी ने राव तुलाराम की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया। अफवाह फैली की जाटों ने यह काम किया है। भीड़ ने जाट धर्मशाला को फूंक दिया और सर छोटूराम की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया।
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गांवों के जाट भड़क गए और उन्होंने शहर की तरफ कूच कर दिया

यह सूचना मिलने पर आसपास के गांवों के जाट भड़क गए और उन्होंने शहर की तरफ कूच कर दिया। प्रशासन उन्हें रोकने में  नाकाम रहा। नरेंद्र के मुताबिक, जाटों की इस भीड़ में असामाजिक तत्व शामिल हो गए और उन्होंने लूटपाट, आगजनी की। बेशक अब हालात सामान्य हो रहे हैं मगर उस मंजर को भुलाने में अभी बहुत लंबा वक्त लगेगा।

एसपी सुमित कुमार कहते हैं यह कहना गलत होगा कि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जैसे ही हिंसा भड़की जहां संभव हुआ पुलिस भेजी गई। पुलिस फोर्स कई जगह तैनात रही। हमने 26 दंगाइयों को गिरफ्तार किया। 11 दंगाइयों को मार गिराया। हम शांति की हर संभव कोशिश करेंगे।

दंगाइयों ने सैनी समाज की दुकानों को खासकर निशाना बनाया। एक दुकान पर हुड्डा इलेक्ट्रिक वर्क्स लिखा था तो उसे बख्श दिया। अपना जला घर दिखाते मनीष सैनी कहते हैं हम कहीं के नहीं रहे।
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