जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट बनाने पर प्रदेश सरकार और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच सहमति बन गई है। सोमवार को दिल्ली में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है।
बैठक में शामिल यमुना प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय की बैठक में शासन के कई वरिष्ठ अफसर शामिल हुए। इसमें दोनों के बीच एयरपोर्ट को बनाने पर सहमति बन गई है। बैठक में रक्षा मंत्रालय से एनओसी शीघ्र लेने पर जोर दिया गया।
एनओसी लेने के लिए तकनीकी बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। यमुना प्राधिकरण की तरफ से एयरपोर्ट के लिए पहले ही आवेदन किया जा चुका है। मंत्रालय से कुछ सवालों के जवाब मांगे गए थे, जिसे प्राधिकरण ने बनाकर भेज दिया गया था।
जेवर में करीब 2500 हेक्टेयर में प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय से एनओसी की दरकार है। अगर यह एयरपोर्ट बन जाता है तो इससे दिल्ली एयरपोर्ट का दबाव भी कम हो जाएगा।
साथ ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र के विकास के लिए भी काफी अहम साबित होगा। अब तक प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच खींचतान के कारण यह प्रोजेक्ट अटका हुआ है।
केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की सहमति के बाद केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि शीघ्र ही जेवर में एयरपोर्ट का निर्माण शुरू हो जाए। उसके लिए जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। इसी संदर्भ में नागरिक उड्डयन मंत्रालय की सोमवार को बैठक हुई। केंद्र की तरफ से जहां एनओसी की जरूरत होगी, उसे जल्दी पूरा किया जाएगा।