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JEE एडवांस गर्ल्स टॉपर मीनल सास-बहू सीरियल देख दूर करती थी थकान, ये है उनके जीत का मंत्र

Mon, 11 Jun 2018 05:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मीनल पारख - फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी में दाखिले के लिए जेईई एडवांस 2018 में ऑल इंडिया गर्ल्स टॉपर बनने के बाद से हर कोई मुझसे एक ही सवाल कर रहा है कि मैं कितने घंटे पढ़ायी करती हूं।

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सारा दिन किताबों की पढ़ायी से सफलता नहीं, बल्कि किस विषय को कितनी गहरायी से समझा, उससे कामयाबी मिलती है। आईआईटी में बेटियां दाखिले में पिछड़ जाती है, लेकिन मैंने टॉप किया, इस बात का श्रेय मेरे परिवार को जाता है। क्योंकि उन्होंने कभी बेटी समझ आईआईटी से दूर रखने की नहीं सोची।

यह कहना है कि जेईई एडवांस 2018 की ऑल इंडिया गर्ल्स टॉपर व दिल्ली रीजन की दूसरी टॉपर मीनल पारख का। मीनल ने 360 अंकों में से 313 अंक हासिल करते हुए गल्र्स टॉपर बनने में कामयाबी हासिल की है। 
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मीनल कहती हैं कि आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लेना चाहती हूं। आईआईटी में सिर्फ बीटेक डिग्री ही नहीं, बल्कि देश और सोसायटी के लिए बेहतरीन शोध में भी सहयोग करुंगी।

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मीनल कहती हैं कि जेईई एडवांस की पढ़ायी के दौरान हर कोई तनाव की बातें करता था, लेकिन कोटा में रहकर मैंने देखा कि सपने आसमां से भी ऊंचे होते हैं, लेकिन कई बार सपने जब हाथ से छूटने लगते हैं तो जिंदगियां (छात्र आत्महत्या कर लेते हैं)हार जाती हैं?

हालांकि मैं जब तनाव से गुजरती थी तो टीवी में भारतीय सीरियल सास-बहू ड्रामा देख सब भूल जाती थी। इसके अलावा स्पोट्र्स से भी जुड़ी रही, क्योंकि टीवी जहां मानसिक रूप से फिट तो स्पोट्र्स मुझे शारीरिक फिटनेस देता था।

हर टॉपर एक ही बात कहते हैं कि आठ घंटे, दस घंटे, चौदह घंटे पढ़ायी की तो सफलता मिली, लेकिन मेरी सोच यहां थोड़ी अलग है। क्योंकि मैंने सूई को कभी अपनी गति नहीं बनने दिया।

मेरा जब दिल करता था, मैं किताब लेकर अपनी पढ़ायी शुरू कर देती थी। पढ़ायी के लिए मैंने कोई टाइम टेबल नहीं बनाया था, बल्कि बस जब दिल किया, किताब खोलकर पढ़ायी शुरू कर दी। ऐसा कोई तय नहीं था कि मुझे आठ घंटे या दस घंटे या एक घंटे पढ़ायी करनी है।
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