कैलिफोर्निया (अमेरिका) में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने अपनी पॉकेट मनी से सात लैपटॉप खरीदकर एनआईवीएच के जरूरतमंद छात्रों को बांट दिए। जरूरतमंदों को लैपटॉप देने के लिए अनन्या भारत पहुंची और खुद उन्हें बांटा। दृष्टिबाधित छात्रों को दिए गए लैपटॉप में उन्होंने अत्याधुनिक साफ्टवेयर इंस्टॉल किए हैं, जिससे उन्हें काम करने में दिक्कत न हो।
अनन्या के पिता अनुराग गुप्ता और मां निधि गुप्ता कैलिफोर्निया में रहते हैं। वह डोर्थी वैली हाईस्कूल में 12वीं की छात्रा हैं। अनन्या के नाना हरीश गोयल का परिवार साकेत कॉलोनी में निवास करता है। इसके चलते उनका दून आना-जाना लगा रहता है। 2015 में दून आई अनन्या ने एनआईवीएच में एक इंटर्नशिप प्रोग्राम में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उनके मन में जरूरतमंद बच्चों के लिए काम करने की इच्छा जागी। तब कुछ दृष्टिबाधितार्थ छात्र-छात्राओं ने उसे बताया कि वह नौकरी करना चाहते हैं लेकिन लैपटॉप न होने के कारण दिक्कत हो रही है।
अनन्या इसके बाद वापस अमेरिका लौट गईं। उन्होंने अपनी पॉकेट मनी बचाई और दोस्तों को भी इस अभियान में जोड़ा। कुछ अन्य लोगों की मदद से उन्होंने करीब दो लाख रुपये जमा कर लिए। भारत पहुंचकर उन्होंने सात लैपटॉप खरीदे और स्क्रीन रीडर समेत अन्य जरूरत के साफ्टवेयर इंस्टॉल किए। एनआईवीएच में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में उन्होंने अपने हाथों से बच्चों को लैपटॉप बांटे।