जेपी कंपनी की ओर से बैकों को जमीन बेचने पर किसानों ने विरोध किया है। भाकियू (अंबावता) ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि अभी तक उन जमीनों पर किसानों को 64.7 फीसदी मुआवजा नहीं मिला है। लिहाजा जमीन बेचने की अनुमति न दी जाए।
यूनियन के जिलाध्यक्ष नरेश चपराना ने बताया कि प्राधिकरण के द्वारा जेपी समूह को जो भूमि दी गई थी। उसकी बाबत किसानों को मिलने वाला 64 फीसदी अतिरिक्त प्रतिकर शासन के आदेश के बावजूद अभी किसानों को नहीं दिया है।
प्राधिकरण कोर्ट में मामला लंबित होने की वजह बताकर किसानों को टरका रहा है। उधर किसानों का कहना है कि जेपी समूह ने कंपनी के दिवालिया होने का हवाला देते हुए उन्हीं कंपनियों को जमीन बेच रहा है, जिन बैंकों से जेपी समूह ने लोन ले रखा है।
किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
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किसानों ने डीएम से वार्ता करने के बाद उन्हें ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा कि किसान तब तक अपनी जमीन पर कब्जा नहीं देगा जब तक उन्हें अपना अधिकार नहीं मिल जाता।
उन्होंने जिलाधिकारी व मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण से जेपी समूह द्वारा बैंकों को बेची जा रही भूमि पर तुरंत रोक लगने की मांग की। इस मौके पर जग्गी पहलवान, सूबेदार, कृष्णनागर, राजवीर, जतन, अनिल, संदीप, रविंद्र, हरेंद्र, मनोज दादरी, नरेंद्र, श्यामवीर मौजूद थे।