केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण रद्द होने पर जाटों ने फिर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 23 मार्च को गाजियाबाद स्थित अग्रसेन भवन में पंचायत का ऐलान किया है।
शुक्रवार को समिति से जुड़े पदाधिकारियों ने भोजपुर ब्लाक के गांवों में जनसंपर्क किया। समिति के प्रमुख महासचिव सत्यपाल सिंह ने बताया कि यह जाटों के साथ अन्याय है और उनकी भावी पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।
इसके चलते समिति ने गाजियाबाद स्थित अग्रसेन भवन में 23 मार्च को पंचायत का आह्वान किया है, जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
पंचायत को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को सत्यपाल सिंह के नेतृत्व में समिति से जुड़े स्वामी वेदानंद, अरुण चौधरी, प्रदीप और अदित भोजपुर, ईसापुर, किल्होड़ा, पट्टी आदि गांवों में पहुंचे और जाट समाज के लोगों से जनसंपर्क कर पंचायत में पहुंचने का आह्वान किया।
एक सवाल के जवाब में प्रमुख महासचिव ने बताया कि इस बार भी समिति पिछले आंदोलन की तरह दिल्ली की जलापूर्ति और रेल मार्ग बाधित करने से पीछे नहीं हटेगी। इसके चलते भाकियू, रालोद राजनीति दलों के प्रमुखों एवं कार्यकर्ताओं से भी संपर्क किया जा रहा है।