दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का जनता दरबार भले ही फेल हो गया हो, लेकिन अब सरकारी कार्यालयों में जनता दरबार लगाने का फैसला किया गया है।
विभाग प्रमुख के अलावा सहायक आयुक्त, उप निदेशक, उप सचिव, एसडीएम समेत जनता से सीधे संपर्क वाले अधिकारी रोजाना 10 से 11 बजे तक कार्यालय में बैठकर शिकायतें सुनेंगे। इतना ही नहीं जो शिकायत नागरिक देंगे उसे रिकार्ड करके शिकायत आईडी नंबर भी देंगे।
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प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव अरुण बरोका ने जनता की शिकायतों के निवारण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि जनता की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए जन शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि जनता जन शिकायत निवारण अधिकारी से मिल सके।
सभी विभागों को कहा गया है कि शिकायत निवारण को निपटाने के लिए अधिकारी प्राथमिकता से कार्य करें ऐसी व्यवस्था की जाए।
प्रशासनिक सुधार विभाग की तरफ से जारी कार्यालय ज्ञापन में यह भी साफ किया गया है कि अगर विभाग प्रमुख या नामित अधिकारी किसी आवश्यक कार्य की वजह से उपलब्ध नहीं होते हैं तो दूसरे नंबर के अधिकारी शिकायत सुनने के लिए बैठे होने चाहिए। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के निर्देश पर ही यह कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया है।