दिव्यांग होने के कारण वह एकदम खड़ा भी नही हो पाया और पुलिस कर्मियों ने उस पर लाठियां बरसा दी। एमफिल के छात्र अर्सलान ने बताया कि उसे बस पांच फीसदी दिखता है। हंगामे के समय वह लाइब्रेरी में था।
पुलिसकर्मियों के डंडा चलाने से उसका चश्मा गिर गया। एक अन्य छात्र मोनिस रजा ने बताया कि वह भी हंगामे के समय लाइब्रेरी में था। उसकी एक टांग में रॉड लगी है। पुलिस की पिटाई के दौरान वह एकदम भाग नहीं पाया और उसे भी कई डंडे लगे।