जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए 'हुनर से रोजगार तक' एचएसआरटी कार्यक्रम शुरू किया है। डीटीएचएम की विभागाध्यक्ष डॉ. सारा हुसैन ने कहा कि यह कार्यक्रम निकट भविष्य में छात्रों के करियर की प्रगति के एक शक्तिशाली साधन के रूप में काम करेगा। यह कार्यक्रम छह सप्ताह तक चलेगा।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने पर्यटन के क्षेत्र में छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल की है। जामिया के पर्यटन व आतिथ्य प्रबंधन विभाग (डीटीएचएम) ने केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की पहल पर 'हुनर से रोजगार तक' (एचएसआरटी) कार्यक्रम शुरू किया। इसका मकसद युवाओं के बीच रोजगार कौशल पैदा करना है और देश में आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र के लिए प्रासंगिक कौशल को उन्नत करने में यह छात्रों की मदद करेगा।
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जामिया कैंपस में सोमवार को 'हुनर से रोजगार तक' कार्यक्रम का आगाज हुआ। डीटीएचएम की विभागाध्यक्ष डॉ. सारा हुसैन ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2009-10 में एचएसआरटी की शुरुआत की गई थी। यह सभी के जीवन में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए नामांकन करने वाले छात्रों को आश्वासन दिया कि उनके लिए निश्चित रूप से आतिथ्य उद्योग में उज्जवल संभावनाएं होंगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम निकट भविष्य में उनके करियर की प्रगति के एक शक्तिशाली साधन के रूप में काम करेगा। यह कार्यक्रम छह सप्ताह तक चलेगा।
डॉ. सारा ने कहा कि यह उन छात्रों को एक व्यापक मंच प्रदान किया है, जिनके पास करियर का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन अंतत: रोजगार योग्य होने का सपना है। विभाग ने आतिथ्य व्यापार क्षेत्र में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया है। इसके अलावा खाद्य उत्पादन, खाद्य और पेय सेवाएं और कौशल परीक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम और निकट भविष्य में कई और शुरू किए जाएंगे। जबकि इसी साल फ्रंट ऑफिस एसोसिएट्स के छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए एचएसआरटी की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।