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जामिया फायरिंग मामले में चौंकाने वाला खुलासा, यह कहकर खरीदा था तमंचा

Sat, 01 Feb 2020 10:15 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जामिया में फायरिंग करने वाला शख्स - फोटो : अमर उजाला
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के पैदल मार्च में गोली चलाने वाले नाबालिग ने काउंसलिंग में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में उसने पुलिस अधिकारियों को बताया कि बुआ के लड़के की शादी में फायरिंग करने की बात कहकर उसने अपने दोस्त के जरिए 10 हजार रुपये में तमंचा खरीदा था। दोस्त ने अलीगढ़ के पास जट्टारी गांव अपनी ससुराल गया। वहां अपने जानकार से 29 जनवरी को तमंचा लाकर दे दिया। नाबालिग यह तमंचा लेकर जामिया पहुंचा और उसने यहां गोली चला दी।

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मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30 जनवरी को दिल्ली में रहने वाली नाबालिग की बुआ के बेटे की शादी थी। उसकी बारात खुर्जा जानी थी। परिवार ने नाबालिग को कपड़े खरीदने के लिए रुपये दिए। इन रुपयों से नाबालिग ने तमंचे का इंतजाम करने की योजना बनाई। नाबालिग ने गांव में ही रहने वाले दोस्त से शादी में फायरिंग के लिए तमंचे का इंतजाम करने के लिए कहा। दोस्त ने भी 10 हजार रुपये में तमंचा लाकर दे दिया। शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम नाबालिग के दोस्त की तलाश में ग्रेटर नोएडा के जेवर पहुंची। देर शाम तक पुलिस की टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। पुलिस ने नाबालिग के घर जाकर उसकी आयु के दस्तावेज की जांच की जो सही पाए गए। 

धर्म को बचाने के लिए गोली कांड से करना चाहता था नाम 

नाबालिग ने पुलिस को बताया है कि पिछले कई माह से वह सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ था। जिन ग्रुप से वह जुड़ा हुआ था, वहां धर्म बचाने की बात की जा रही थी। इन सबका उसके मन पर गहरा प्रभाव था। इसको लेकर वह अक्सर अपने दोस्तों से चर्चा भी करता था। जामिया और शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए उसने दिल्ली आने की ठानी। 

गुरुवार सुबह जब वह घर से निकलने लगा तो उसकी बहन ने कहां जाने की बात पूछी तो नाबालिग ने कहा कि वह जहां भी जा रहा है, पूरे परिवार को उस पर गर्व होगा। घर से निकलने के बाद वह परी चौक होता हुआ, सेक्टर-37 पहुंचा। यहां से उसने शाहीन बाग चलने के लिए ऑटो में सवार होने का प्रयास किया, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। वह बस में बैठकर किसी तरह जामिया पहुंच गया। वह लाल रंग के बैग में तमंचा रखकर लाया था। यहां आकर वह जामिया के छात्रों के बीच घुस गया। वह चंदन व कमलेश तिवारी की हत्या से आहत होकर उनकी मौत से बदला लेना चाहता था। जैसे ही पैदल मार्च शुरू हुआ अचानक नाबालिग ने भीड़ से निकलकर तमंचा तानकर नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में उसने गोली चला दी। नाबालिग ने दावा किया कि वह हवा में गोली चलाना चाहता था, लेकिन सामने गोली चल गई। 
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नाबालिग के थे दो फेसबुक अकाउंट

छानबीन में पुलिस को पता चला है कि नाबालिग के फेसबुक पर दो अकाउंट थे। दोनों ही अकाउंट को 2018 में बनाया गया था लेकिन शुरुआत में वह इन अकाउंट पर सक्रिय नहीं था, लेकिन 2019 के आखिरी महीनों में वह इन अकाउंट पर सक्रिय रहने लगा था। वारदात को अंजाम देने से पहले उसने अपने एक फेसबुक अकाउंट पर कई भड़काऊ पोस्ट डाली थीं। फेसबुक पर वह रामभक्त होने का दावा करता था। इन पोस्ट को हजारों लोगों ने लाइक किया। हालांकि मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि नाबालिग के अलावा उसके फेसबुक अकाउंट शायद कुछ और लोग भी चला रहे थे। पुलिस ने फेसबुक को पत्र लिखकर इन अकाउंट की जानकारी मांगी है। इसके अलावा पुलिस ने इन अकाउंड के आईपी एड्र्रेस भी मांगे हैं।

बाल सुधार गृह में नाबालिग को दी जाएगी ट्यूशन
नाबालिग को जेजे बोर्ड में पेश किया गया था, जहां से उसे 28 दिन के लिए किंग्सवे कैंप स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नाबालिग 12वीं कक्षा का छात्र है। इसी साल मार्च में उसकी परीक्षाएं होनी हैं। नाबालिग ने जेजे बोर्ड से इच्छा जाहिर की थी कि उसे पेपर की तैयारी के लिए ट्यूशन पढ़ना है। जेजे बोर्ड ने ट्यूशन का इंतजाम करने के लिए कहा है। लिहाजा बाल सुधार गृह में नाबालिग को ट्यूशन पढ़ाने का इंतजाम किया जा रहा है।  
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